प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच मंगलवार को मुंबई में अहम मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने कर्नाटक के वेमगल में टाटा-एयरबस के H125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया। मुंबई में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत करते हुए कहा कि उनसे मिलकर उन्हें विशेष प्रसन्नता हो रही है।

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि पिछले साल राष्ट्रपति मैक्रों ने उन्हें फ्रांस में आयोजित एआई एक्शन समिट के लिए आमंत्रित किया था। उस दौरान दोनों नेताओं ने मार्सिले का दौरा किया था, जो फ्रांस का सबसे बड़ा बंदरगाह और यूरोप का एक प्रमुख प्रवेश द्वार है। उन्होंने कहा कि यही वह शहर है, जहां से प्रथम विश्व युद्ध के समय भारतीय सैनिकों ने यूरोप की धरती पर कदम रखा था और उनकी वीरता की कहानियां आज भी यूरोप के कई हिस्सों में याद की जाती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपसी विश्वास और साझा विजन के आधार पर भारत और फ्रांस अपने रिश्तों को अब एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे, जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक उड़ान भरने में सक्षम होगा। यह हेलीकॉप्टर भारत में ही निर्मित किया जाएगा और इसे पूरी दुनिया में निर्यात किया जाएगा।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों के एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत आगमन के अवसर पर उनका स्वागत देश के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले मुंबई में करना भारत के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने भारत-फ्रांस संबंधों को बेहद खास बताते हुए कहा कि फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में शामिल है और बीते वर्षों में इस साझेदारी को नई ऊर्जा और गहराई मिली है।

प्रधानमंत्री ने इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के शुभारंभ का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को लोगों की साझेदारी में बदलना है। उन्होंने कहा कि नवाचार अकेले नहीं, बल्कि मिलकर काम करने से आगे बढ़ता है, इसलिए दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क मजबूत करना इस पहल का मुख्य लक्ष्य होगा।

वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के अपने चौथे आधिकारिक दौरे पर गर्मजोशी से स्वागत के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंध बेहद अनोखे और भरोसे पर आधारित हैं। मैक्रों ने बताया कि दोनों देशों ने इस रिश्ते को एक विशेष रणनीतिक साझेदारी का नया दर्जा देने का निर्णय लिया है।

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में भारत और फ्रांस ने मिलकर कई नए क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया है, चाहे वह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र हो, तकनीक हो या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस और अन्य साझा पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश कानून के शासन और खुले सहयोग में विश्वास रखते हैं और आने वाले समय में इस साझेदारी को और मजबूत करेंगे।

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