यूपी में 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (यूपी एसआईआर) को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी लगातार चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साध रही है, वहीं भाजपा भी पलटवार में पीछे नहीं है।

मंगलवार को सपा ने चुनाव आयोग से मुलाकात के लिए समय मांगा। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि समय मिलते ही पार्टी का प्रतिनिधिमंडल आयोग से मुलाकात करेगा। इस पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा 2027 का चुनाव हारती नजर आ रही है, इसलिए लगातार भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। केशव मौर्य ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहा है और बूथ स्तर तक सक्रिय है, जबकि सपा के पास न तो मजबूत संगठन है और न ही सक्रिय कार्यकर्ता। ऐसे में सपा का काम भाजपा क्यों करेगी।

इससे पहले अखिलेश यादव ने लखनऊ में मीडिया से बातचीत में कहा था कि चुनाव आयोग से समय इसलिए मांगा गया है ताकि प्रतिनिधिमंडल उन वर्गों की चिंताओं को रख सके, जो पढ़ने-लिखने में कमजोर हैं या सामाजिक रूप से पिछड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब, पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को फॉर्म-7 के नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है, जिससे उन्हें अपना रोज़गार छोड़कर कागजी औपचारिकताओं में उलझना पड़ रहा है।

अखिलेश के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को चुनाव आयोग से मिलने का अधिकार है और भाजपा को इससे कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सपा इस मुद्दे पर बेवजह डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है और यह संदेश देना चाहती है कि मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि भाजपा का संगठन बूथ स्तर पर पूरी सक्रियता के साथ काम कर रहा है।

केशव मौर्य ने यह भी कहा कि अगर सपा के पास वास्तव में कार्यकर्ता हैं, तो वे बूथों पर जाकर बीएलओ और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें और फॉर्म 6, 7 या 8 की प्रक्रिया का पालन करें, बजाय इसके कि भाजपा पर आरोप लगाए जाएं। उन्होंने सपा को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने संगठन की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

कांग्रेस द्वारा मनरेगा के मुद्दे पर विधानसभा घेराव के ऐलान पर भी डिप्टी सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास घेराव करने के लिए लोग ही नहीं हैं। अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि पूरी पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं और सपा को अफवाह फैलाने से बचना चाहिए।

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