महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर धार्मिक नगरी काशी शिवभक्ति में डूबी नजर आई। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। रविवार को बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। मंगला आरती के बाद से ही विश्वनाथ धाम में भक्तों का तांता लगा रहा और मंदिर परिसर से लेकर आसपास की सड़कों तक लंबी कतारें देखने को मिलीं। शिवमय वातावरण में हर ओर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे।
महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ को देश-विदेश के विभिन्न मंदिरों से विशेष उपहार भी प्राप्त हुए। अब तक भारत समेत मलेशिया और श्रीलंका के मंदिरों सहित कुल 62 मंदिरों से पावन भेंट काशी पहुंच चुकी हैं। इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से एक नई और अनूठी आध्यात्मिक पहल की शुरुआत भी की गई है।
रविवार तड़के से ही जिले भर के शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने सुबह चार बजे मणिकर्णिका घाट में गंगा स्नान के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके अलावा गोपेश्वर रुद्रेश्वर, नमर्देश्वर, कालेश्वर, विमलेश्वर, ज्ञानेश्वर, नागेश्वर, सिद्धेश्वर, धनेश्वर, तामेश्वर, भाष्करेश्वर महादेव, कमलेश्वर महादेव, भडेश्वर महादेव, चंद्रेश्वर और नागेश्वर महादेव सहित अनेक शिवालयों में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर वाराणसी आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सकारात्मक अनुभव देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील और प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
पूरे क्षेत्र को चार जोन, 13 सेक्टर और 30 सब-सेक्टरों में विभाजित कर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए मजबूत बैरिकेडिंग और नियंत्रित प्रवेश-निकास व्यवस्था लागू की गई है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है और कंट्रोल रूम से हालात पर नजर रखी जा रही है। साथ ही हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र सक्रिय रखे गए हैं, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को उचित मार्गदर्शन मिल सके। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल की भी पर्याप्त तैनाती की गई है।
