सिकंदर रजा की कप्तानी में जिम्बाब्वे ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में नया इतिहास रच दिया है। टीम ने पहली बार टूर्नामेंट के सुपर-8 राउंड में जगह बनाई है। पल्लेकेले में जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच ग्रुप बी मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने के बाद जिम्बाब्वे ने अगले दौर का टिकट पक्का कर लिया।
मंगलवार को होने वाले इस मुकाबले में खराब मौसम के चलते टॉस तक संभव नहीं हो सका, जिसके कारण मैच रद्द कर दिया गया और दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। इस नतीजे के साथ जिम्बाब्वे ग्रुप बी से सुपर-8 में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई। जिम्बाब्वे के तीन मैचों में कुल पांच अंक हो गए हैं। इससे पहले सह-मेजबान श्रीलंका तीन मैचों में छह अंकों के साथ सुपर-8 में प्रवेश कर चुका है। वहीं आयरलैंड (चार मैचों में तीन अंक) और ऑस्ट्रेलिया (तीन मैचों में दो अंक) की अगले दौर की उम्मीदें समाप्त हो गईं।
ऑस्ट्रेलिया 17 साल बाद टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण से बाहर हुआ है। इससे पहले कंगारू टीम 2009 के टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई थी। 2021 की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम की निगाहें आयरलैंड की जीत पर टिकी थीं, लेकिन बारिश ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया। टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया को लगातार दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंका ने उसे आठ विकेट से हराया, जबकि जिम्बाब्वे ने 23 रनों से बड़ा उलटफेर किया। ऑस्ट्रेलिया की एकमात्र जीत आयरलैंड के खिलाफ आई। उसे अब अपना आखिरी ग्रुप मैच 20 फरवरी को ओमान से खेलना है। चोटों से जूझ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम में पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की गैरमौजूदगी साफ तौर पर खली।
जिम्बाब्वे का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा है। तेज गेंदबाज रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुजरबानी और ब्रैड इवांस ने कोलंबो में खेले गए पहले मैच में तीन-तीन विकेट लेकर ओमान को 103 रन पर समेट दिया था। इसके जवाब में ब्रायन बेनेट के नाबाद 48 रनों की बदौलत जिम्बाब्वे ने सिर्फ 13.3 ओवर में आठ विकेट से जीत दर्ज की। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिम्बाब्वे ने दो विकेट पर 169 रन बनाए और कंगारू टीम को 146 रन पर ढेर कर दिया। इस मैच में भी बेनेट ने नाबाद 64 रन की शानदार पारी खेली, जबकि मुजरबानी और इवांस ने क्रमशः चार और तीन विकेट चटकाए। जिम्बाब्वे अब अपना आखिरी ग्रुप मैच 19 फरवरी को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ खेलेगा।
