
डॉ. हिमांशु ऐरन, मेजर जी.के. थपलियाल और डॉ देश दीपक की गरिमामयी उपस्थिति में गूंजा राष्ट्रभाव का उद्घोष
विशेष संवाददाता, देहरादून।
रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के विशाल प्रांगण में सोमवार को ‘यूनिवर्सिटी कल्चरल एंड स्पोर्ट्स वीक – सुभारती महोत्सव 2026’ का शुभारंभ अत्यंत उत्साह, ऊर्जा और राष्ट्रवादी चेतना के साथ हुआ। विश्वविद्यालय प्ले ग्राउंड में ठीक प्रातः 11:00 बजे आयोजन का विधिवत आगाज़ हुआ, जहाँ कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

सबसे पहले कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन ने विश्वविद्यालय के गणमान्य सदस्यों के साथ रिबन काटकर महोत्सव का उद्घाटन किया। इसके उपरांत दीप प्रज्वलन की गरिमामयी परंपरा संपन्न हुई। इस अवसर पर प्रति कुलपति डॉ देश दीपक, डॉ. जीवन आशा निदेशक, लोकप्रिय हॉस्पिटल, डायरेक्टर जनरल जी.के. थपलियाल, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर रविंद्र प्रताप यादव, डायरेक्टर प्रोजेक्ट लोकेश त्यागी तथा रजिस्ट्रार खालिद हसन विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान डीन एकेडेमिक्स डॉ मनमोहन गुप्ता एवं संस्कृति विभाग से डॉ रमन कीमोठी भी उपस्थित रहे। उद्घाटन के साथ ही आसमान में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़े गए और आतिशबाज़ी की गूंज के साथ महोत्सव का औपचारिक प्रारंभ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन सुश्री मिधत असलम और प्रदीप महारा ने प्रभावशाली ढंग से किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को ऊर्जावान और सुव्यवस्थित बनाए रखा।

सबसे पहले प्रो वाइस चांसलर एवं ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ देश दीपक ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सुभारती महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को राष्ट्रनिर्माण की दिशा में प्रेरित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह मंच युवाओं के भीतर छिपी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देता है और विश्वविद्यालय की समग्र शिक्षा पद्धति का जीवंत उदाहरण है।
इसके पश्चात कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन ने अपने विशिष्ट और ओजस्वी अंदाज़ में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सुभारती शिक्षा समूह के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अतुल कृष्ण के आदर्श और राष्ट्रसमर्पित सोच ही ऐसे आयोजनों की मूल प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि सुभारती केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी मूल्यों का संवाहक है।
डॉ. ऐरन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुभारती में आयोजित होने वाले कार्यक्रम अपनी विशिष्टता और अनुशासन के कारण विशिष्ट पहचान रखते हैं। यहाँ प्रतिभा को केवल मंच नहीं मिलता, बल्कि उसे संस्कार और राष्ट्रीय दृष्टिकोण भी मिलता है।
डायरेक्टर जनरल जी.के. थपलियाल ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और अनुशासन का विकास करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए इसे सुव्यवस्थित और प्रभावशाली शुरुआत बताया।

कार्यक्रम की ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी नीतिका कौशल ने पूरे छह दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 16 से 21 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में साहित्यिक, खेल, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है।
कार्यक्रम के पहले दिन 11:00 बजे उद्घाटन के बाद 11:30 बजे ट्रेजर हंट (विश्वविद्यालय परिसर) तथा 12:00 बजे मल्टी परपज़ हॉल में क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसी समय विश्वविद्यालय प्ले ग्राउंड में वॉलीबॉल मुकाबला प्रारंभ हुआ, जबकि 12:30 बजे टग ऑफ वॉर ने छात्रों में रोमांच भर दिया। रस्साकस्सी प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें वाइस चांसलर हिमांशु ऐरन और डायरेक्टर जनरल जी.के. थपलियाल की टीमों के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबला हुआ, जिसने विद्यार्थियों में उत्साह और ऊर्जा का संचार कर दिया। इंडोर स्पोर्ट्स एरीना में 11:00 बजे टेबल टेनिस प्रतियोगिता संपन्न हुई।
फाइन आर्ट्स कॉलेज में 11:30 बजे फेस पेंटिंग तथा 2:00 बजे इंडियन फोक आर्ट की गतिविधियाँ हुईं। पूरे परिसर में दिनभर उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहा।
मंगलवार को डिबेट सेमीफाइनल व फाइनल, स्लोगन राइटिंग, एक्सटेम्पोर और मिनी मैराथन जैसी प्रतियोगिताएँ होंगी। बुधवार को मॉक पार्लियामेंट और कवि सम्मेलन लोकप्रिय ऑडिटोरियम में आयोजित किए जाएंगे। गुरुवार को ‘सनातन संगम’ तथा फ्रेशर्स और आउटगोइंग बैच की गतिविधियाँ होंगी। शुक्रवार को फैशन शो, बैटल ऑफ बैंड्स, मोनो एक्टिंग, स्टैंडअप कॉमेडी, सोलो व ग्रुप सिंगिंग-डांस मुख्य मंच पर आयोजित होंगे, जबकि शनिवार को अवॉर्ड फंक्शन और गाला इवनिंग के साथ महोत्सव का समापन होगा।
पूरे परिसर में राष्ट्रगीतों की गूंज, रंग-बिरंगे परिधानों में सजे छात्र-छात्राओं की भागीदारी और अनुशासित आयोजन व्यवस्था ने सुभारती के राष्ट्रवादी चरित्र को पुनः प्रमाणित किया।
‘सुभारती महोत्सव 2026’ का यह भव्य शुभारंभ विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, सांस्कृतिक गरिमा और राष्ट्रसमर्पित भावना का सशक्त प्रदर्शन बनकर सामने आया।
