उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। बीते एक दिन से शहर में तेज पछुआ हवाओं के साथ कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। गलन भरी सर्दी ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रविवार की सुबह लखनऊ के कई इलाकों में घने कोहरे की चादर नजर आई। कुछ स्थानों पर दृश्यता घटकर महज 10 से 50 मीटर तक सिमट गई। कोहरे की वजह से ट्रेन और सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह के समय सामान्य से लेकर घना कोहरा बने रहने की संभावना है, जबकि दिन चढ़ने के साथ मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रविवार शाम से हवा की दिशा में बदलाव हो सकता है। इसके चलते दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। हालांकि, ठंडी हवाओं की रफ्तार कम होने के बावजूद सुबह और रात की ठंड अभी लोगों को परेशान करती रहेगी। अमौसी स्थित मौसम केंद्र के मुताबिक, रविवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 13 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बीते 24 घंटों के दौरान दिन के तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। तेज पछुआ हवाओं के कारण शनिवार को पूरे दिन ठिठुरन बनी रही। माघ माह के अंतिम दिनों में भी ठंड ने अपना असर दिखाया, जिससे लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ दो फरवरी से सक्रिय होने जा रहा है। इसका प्रभाव पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में दिखाई देगा, जिसके बाद इसका असर मध्य और पूर्वी हिस्सों तक पहुंच सकता है। इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण लखनऊ सहित आसपास के क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
बारिश की वजह से तापमान में फिर गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का असर बढ़ सकता है। हालांकि, बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से कोहरे की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बदलाव भरे रहेंगे।
फिलहाल, लखनऊवासियों को सलाह दी गई है कि सुबह और देर रात घर से निकलते समय सावधानी बरतें। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय धीमी गति अपनाएं और फॉग लाइट का प्रयोग करें। ठंड और बदलते मौसम को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
