जनवरी महीने में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे राजकोषीय स्थिति को मजबूती मिली है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में जीएसटी कलेक्शन में सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल संग्रह 1.93 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। इस बढ़ोतरी का बड़ा कारण आयात से होने वाली आय में उल्लेखनीय इजाफा माना जा रहा है।
जनवरी में आयात से प्राप्त जीएसटी राजस्व में 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये हो गया। वहीं घरेलू लेनदेन से होने वाला ग्रॉस टैक्स कलेक्शन भी 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके साथ ही रिफंड के मोर्चे पर भी सरकार को राहत मिली है। इस महीने कुल रिफंड में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,665 करोड़ रुपये रहा, जिससे नेट राजस्व को सहारा मिला।
अगर नेट जीएसटी रेवेन्यू की बात करें तो इसमें जनवरी में 7.6 प्रतिशत की अच्छी बढ़त देखने को मिली और यह करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जीएसटी प्रणाली में हालिया बदलावों और आर्थिक गतिविधियों में सुधार का सकारात्मक असर दिख रहा है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में कलेक्शन पर दबाव भी नजर आया है।
तंबाकू उत्पादों से मिलने वाले क्षतिपूर्ति उपकर (सेस) के आंकड़े इस बदलाव को साफ तौर पर दिखाते हैं। जनवरी 2026 में तंबाकू उत्पादों से उपकर संग्रह 5,768 करोड़ रुपये रहा, जबकि जनवरी 2025 में यह 13,009 करोड़ रुपये था। दरअसल, पहले कार, तंबाकू और अन्य विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर उपकर लगाया जाता था, लेकिन अब व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।
सरकार ने 22 सितंबर 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में कटौती की थी, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली और कई वस्तुएं सस्ती हुईं। नई व्यवस्था के तहत अब केवल तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर ही क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है। इस बदलाव का असर सेस कलेक्शन पर पड़ा है, लेकिन सरकार का मानना है कि इससे मांग बढ़ेगी और लंबे समय में कर आधार मजबूत होगा।
इन सभी आंकड़ों के बीच आज का दिन बेहद अहम है, क्योंकि कुछ ही समय में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां आम बजट पेश करने जा रही हैं। बजट से पहले की परंपरा निभाते हुए उन्होंने राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने अपनी बजट टीम के साथ आधिकारिक फोटो सेशन भी कराया।
इस मौके पर वित्त मंत्री ‘मैजेंटा’ रंग की रेशमी साड़ी में नजर आईं और उनके हाथ में राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाला लाल रंग का पारंपरिक बजट पाउच था, जिसमें टैबलेट रखा हुआ था। उनके साथ राज्य मंत्री और वित्त मंत्रालय के सभी छह सचिव भी मौजूद रहे। अब देश की नजरें इस बजट पर टिकी हैं, जिसमें जीएसटी कलेक्शन की यह मजबूती सरकार के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
