प्रोफेसर डॉ. हिमांशु ऐरन का सशक्त संदेश, IDA सहारनपुर का भव्य आयोजन
सहारनपुर

इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) सहारनपुर शाखा द्वारा होटल रॉयल रेज़ीडेंसी में इंस्टॉलेशन सेरेमनी एवं सीडीई कार्यक्रम दंत चिकित्सा की गुणवत्ता और मानकीकरण पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ हिमांशु ऐरन वाइस-चांसलर, रास बिहारी बोस सुभारती यूनिवर्सिटी, देहरादून रहे। आयोजन में दंत उपचार में गुणवत्ता नियंत्रण और एक्रीडिएशन जैसे समसामयिक मुद्दों पर गंभीर एवं व्यावहारिक विमर्श हुआ।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रोफेसर डॉ हिमांशु ऐरन वाइस-चांसलर, रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय ने “Quality Control in Dental Treatment and Importance of Accreditation” दंत उपचार में गुणवत्ता नियंत्रण और प्रत्यायन एक्रीडिटेशन का महत्व विषय पर तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक व्याख्यान दिया।
उन्होंने कहा कि—
• गुणवत्ता नियंत्रण से उपचार की विश्वसनीयता और परिणाम दोनों बेहतर होते हैं
• एक्रीडिटेशन से क्लिनिक और संस्थान राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरते हैं
• आने वाले समय में बिना एक्रीडिटेशन के प्रोफेशनल पहचान बनाए रखना कठिन होगा

डॉ. ऐरन ने NABH आधारित डेंटल सिस्टम, इंफेक्शन कंट्रोल, डॉक्यूमेंटेशन और पेशेंट सेफ्टी पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. हिमांशु ऐरन शिक्षा, शोध और प्रशासन—तीनों क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान रखने वाले देश के चुनिंदा शिक्षाविदों में शामिल हैं। 225 से अधिक शोध पत्र, 14 जर्नल्स के संपादन, अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान एवं वर्कशॉप्स के साथ वे इंडियन प्रोस्थोडॉन्टिक सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य भी रह चुके हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सहारनपुर ने दंत स्वास्थ्य को सार्वजनिक स्वास्थ्य का अहम स्तंभ बताया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रवीण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा सेवाओं में निश्चित रेटलिस्ट और इमरजेंसी के समय त्वरित एवं नैतिक उपचार व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी शुल्क प्रणाली से आमजन का विश्वास बढ़ता है और आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर उपचार ही जीवन रक्षा का सबसे बड़ा माध्यम बनता है।

इस अवसर पर IDA सहारनपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. हिमांशु गुप्ता ने अपने संबोधन में संगठन की आगामी रचनात्मक, सामाजिक एवं चिकित्सीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भविष्य में सीडीई कार्यक्रमों, जन-जागरूकता अभियानों और दंत स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से IDA समाज और प्रोफेशन—दोनों के हित में सक्रिय भूमिका निभाएगी।

मानद सचिव डॉ. हरमन प्रीत सिंह एवं कोषाध्यक्ष डॉ. रामनदीप सिंह के नेतृत्व में यह आयोजन अनुशासन, गुणवत्ता और पेशेवर प्रतिबद्धता का उदाहरण बना।

कार्यक्रम ने स्पष्ट कर दिया कि भविष्य की दंत चिकित्सा गुणवत्ता, एक्रीडिटेशन और नैतिक प्रोफेशनलिज़्म पर आधारित होगी, और इस दिशा में डॉ. हिमांशु ऐरन जैसे शिक्षाविदों का मार्गदर्शन मील का पत्थर है।

कार्यक्रम का संचालन अनुशासित एवं गरिमामय वातावरण में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दंत चिकित्सक एवं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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