
न बाइक लूटी, न रुपये—₹6 लाख के लिए खुद ही रची लूट की साजिश
-रुपये भी अपने, लूट भी फर्जी,6 लाख की कहानी ने पुलिस को उलझाया, जांच में खुला राज
-6 लाख लेकर गायब होने की थी तैयारी, बाइक तोड़कर बना दी लूट की कहानी
-राया में फर्जी लूट का खुलासा, एजेंट ने साथी संग मिलकर हड़पने की बनाई थी योजना
-बैंक से रकम निकालकर मथुरा लाने के बजाय हड़पने की योजना, बाइक तोड़कर बनाई लूट की कहानी, पुलिस ने की पूरी रकम बरामद
(मथुरा/राया)(ए.के.शर्मा)
थाना राया थाना क्षेत्र में 6 लाख रुपए की लूट की सूचना से मची हलचल के पीछे पुलिस ने कथित तौर पर एक सुनियोजित साजिश का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, रकम लेकर मथुरा आ रहे एजेंट ने अपने साथी के साथ मिलकर रुपये हड़पने की योजना बनाई और घटना को असली लूट का रूप देने के लिए अपनी मोटरसाइकिल तक क्षतिग्रस्त कर दी। पुलिस ने मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर 6 लाख रुपए की पूरी रकम बरामद करने का दावा किया है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कुलदीप सिंह पुत्र कारे सिंह, निवासी सरकोरिया, थाना गौरई, अलीगढ़ और अजीत पुत्र कन्हैयालाल, निवासी नगला बधिया, थाना इगलास, अलीगढ़ के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 33 वर्ष बताई गई है।
पहले बैंक से निकाले 6 लाख रुपए , फिर बना डाली ‘लूट’ की पटकथा
पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर को वादी ने अपने एजेंट कुलदीप सिंह को 6 लाख रुपए बैंक से निकालकर मथुरा लाने के लिए कहा था। आरोप है कि कुलदीप ने यह बात अपने साथी अजीत को बताई। इसके बाद दोनों ने रकम वादी को सौंपने के बजाय आपस में हड़पने की कथित योजना बनाई।
पुलिस का कहना है कि कुलदीप ने इगलास और ग्रामीण बैंक बैसमा से 3-3 लाख रुपए निकालकर कुल 6 लाख रुपए जुटाए। बैसमा के पास उसने कथित तौर पर पूरी रकम अजीत को सौंप दी। इसके बाद दोनों ने रुपये ग्राम हरोथा में एक स्थान पर छिपा दिए।
बाइक का अगला हिस्सा तोड़ा, खाली बैग लेकर निकला
पुलिस के मुताबिक, रकम छिपाने के बाद साजिश को लूट का रूप देने की योजना पर अमल किया गया। आरोप है कि कुलदीप ने अपनी मोटरसाइकिल के आगे के हिस्से को क्षतिग्रस्त किया और खाली बैग लेकर मथुरा की ओर रवाना हो गया।
राया कस्बे के पास हाईवे पर पहुंचने के बाद उसने कथित तौर पर पहले वादी को लूट की सूचना दी। इसके बाद डायल-112 पर भी लूट की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार, खाली बैग को रास्ते में फेंक दिया गया था, ताकि घटना वास्तविक लूट जैसी प्रतीत हो।
जांच आगे बढ़ी तो खुल गई पूरी कहानी
मामला दर्ज होने के बाद राया पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई तो लूट की कहानी संदिग्ध प्रतीत हुई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने कथित साजिश का खुलासा करते हुए कुलदीप और अजीत को चिन्हित किया।
पुलिस टीम ने 2 अक्टूबर 2026 को रात 12:42 बजे ग्राम हरोथा के बाहर सरकारी स्कूल के पार्क के पास दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उनकी निशानदेही पर घटना से संबंधित ₹6 लाख की पूरी रकम बरामद कर ली गई।
एसओजी, स्वॉट और सर्विलांस टीम ने मिलकर किया खुलासा
मामले के खुलासे में थाना राया पुलिस के साथ एसओजी, स्वॉट और सर्विलांस टीम शामिल रही। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध और क्षेत्राधिकारी महावन के निर्देशन में की गई।
मामले में थाना राया पर मु0अ0सं0 318/2026 के तहत धारा 316(5)/317(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
