समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए यूपी का अगला चुनाव कितना अहम है यह उनकी हालिया सोशल मीडिया पोस्ट से पता चल गया है। अखिलेश यादव ने मंगलवार को अपने X अकाउंट से एक पोस्ट के जरिए कहा कि उनकी निगाहें 3 पर नहीं बल्कि 403 पर है।

अखिलेश यादव की इस सोशल मीडिया पोस्ट का सीधा मतलब राज्यसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव से है। अखिलेश की इस पोस्ट ने यूपी की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। अब माना यह जा रहा है कि समाजवादी पार्टी यूपी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना तीसरा उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी।

बता दें कि समाजवादी पार्टी ने 2 कैंडिडेट के नाम की घोषणा पहले ही कर दी थी। उन उम्मीदवारों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया। कई दिनों से इस बात की चर्चा है कि समाजवादी पार्टी सिर्फ 2 ही कैंडिडेट के नामों का ऐलान करेगी, लेकिन अब अखिलेश के इस ट्वीट के बाद काफी हद तक यह बात साफ हो गई है कि सपा सिर्फ 2 उम्मीदवारों को ही राज्यसभा भेजेगी। अखिलेश के इस ट्वीट के बाद सपा के 2 और BJP के 8 राज्यसभा उम्मीदवारों का निर्विरोध चुनना तय है।

समाजवादी पार्टी ने जिन दो नामों का ऐलान किया था उनमें पार्टी के वरिष्ठ राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव शामिल हैं, जो छठी बार राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। उनके अलावा रिलायंस ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी धनराज परिमल नथवानी को भी सपा ने उम्मीदवार बनाया है। इन दोनों नेताओं ने पिछले 30 सितंबर को अपना-अपना नामाकंन दाखिल कर दिया था।

समाजवादी पार्टी अगर तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं करती है तो इसके पीछे की वजह न सिर्फ 2027 का चुनाव है बल्कि संख्या गणित भी प्रमुख समस्या है। दरअसल, उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। विधानसभा की प्रभावी संख्या 400 के आसपास है। ऐसे में हर एक कैंडिडेट को जीतने के लिए 37 वोट तो चाहिए होंगे। सपा के पास इतनी सीटें हैं कि उसके दो उम्मीदवार तो जीत जाएंगे, लेकिन तीसरे कैंडिडेट के लिए उसे अतिरिक्त उम्मीदवारों की जरूरत पड़ेगी।

सपा के पास करीब 100-101 विधायक हैं और कांग्रेस के दो विधायकों का समर्थन भी उसके साथ माना जा रहा है। यानी दो उम्मीदवारों के लिए जरूरी 74 वोट निकालने के बाद उसके पास सीमित अतिरिक्त वोट बचते हैं। तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए उसे लगभग 10-12 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत पड़ती है। इसके लिए उसे दूसरे दलों के विधायकों या क्रॉस-वोटिंग पर निर्भर रहना होगा।

अखिलेश यादव की इस सोशल मीडिया पोस्ट ने यह साफ कर दिया है कि वह अगले साल यानी 2027 में यूपी के विधानसभा चुनाव को लेकर बहुत सीरियस हैं। अखिलेश न कहीं न कहीं इस बात के भी संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी सभी 403 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि यूपी की सियासत में इन दिनों इस बात की चर्चा बहुत ज्यादा है कि सपा और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ सकती हैं क्योंकि दोनों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान बहुत ज्यादा चल रही है।

सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर तगड़ा घमासान चल रहा है। हालांकि आधिकारिक रूप से अभी चीजें सामने नहीं आई हैं, लेकिन दोनों पार्टियों के कई सीनियर नेताओं की बयानबाजी काफी कुछ कह रही है। कांग्रेस की ओर से लगातार यह बात कही जा रही है कि वह यूपी चुनाव में 150-200 सीटों चुनाव लड़ेगी जबकि समाजवादी पार्टी 50-80 सीटें कांग्रेस को देने के मूड में है। हालांकि सीट शेयरिंग की पूरी तस्वीर आने वाले दिनों में साफ होने की उम्मीद है।

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