कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाले हुड़दंग और बवाल को लेकर सीएम योगी ने शुक्रवार को कैराना से कांवड़ियों को चेताते हुए कहा कि इसका फायदा विरोधी उठाते हैं। हमें धैर्य और अनुशासन का पालन करना है। सीएम योगी ने कहा कि आज शानदार कांवड़ यात्रा चल रही है। सरकार उनके सेवा में खड़ी रहती है। कांवड़ियों से कहा कि हम सब श्रीराम के वंशज हैं, श्रीकृष्ण के अनुयायी और भोले शंकर के भक्त हैं। हम सब याद रखेंगे कि राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला और शंकर की समरसता व जीवंतता हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। जीवन में धैर्य और अनुशासन सबसे जरूरी है। छोटी-छोटी बातों को लेकर हुड़दंगई नहीं होनी चाहिए वरना विरोधी इसे नोट करके रखेंगे और फिर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह प्रतिबंधित करने के लिए अलग अलग माध्यमों से दबाव बनाने का प्रयास करेंगे।
शामली के कैराना में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सरकार कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर प्रकार का सहयोग कर रही है। पुष्पवर्षा करती है। हमें मर्यादा को समझना पड़ेगा। अगर कोई गलत व्यक्ति हमारे बीच आकर हुड़दंग करता है तो उसे कान पकड़कर बाहर करने की आवश्यता है। कह देने की आवश्यकता है कि अनुशासनहीनता हमें मंजूर नहीं है। अगर पर्व और त्योहारों की मर्यादा को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो यह परंपराएं आगे और अच्छे ढंग से आगे बढ़ेंगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने 581 करोड़ रुपये की 89 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण कर क्षेत्र के कायाकल्प का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले पलायन और अपराध के लिए जाना जाने वाला यह क्षेत्र आज सुरक्षा व औद्योगिक प्रगति से चमक रहा है।
कैराना के विजय सिंह पथिक कॉलेज में आयोजित जनसभा में उन्होंने स्पष्ट किया कि डबल इंजन सरकार के सुरक्षा मॉडल, एक्सप्रेसवे की तेज रफ्तार और गन्ने की मिठास ने इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। पिछली व्यवस्थाओं में जहां तुष्टिकरण और गुंडागर्दी का बोलबाला था, वहीं आज प्रदेश विकास की नई राह पर दौड़ रहा है।
शामली के आध्यात्मिक व ऐतिहासिक महत्व का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही पावन भूमि है जहां महाभारत काल में भगवान श्री कृष्ण ने हनुमान टीला पर विश्राम किया था। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और शास्त्रीय संगीत के सुप्रसिद्ध किराना घराने का गौरवशाली इतिहास इस धरा से जुड़ा है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर इस ऐतिहासिक धरोहर की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा कि वर्तमान सरकार क्षेत्र के सांस्कृतिक व सामाजिक गौरव को पूरी तरह पुनर्स्थापित कर रही है।
कानून व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने अपराधियों को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नूम ही ठिकाना है। पहले जहां व्यापारियों को पलायन के लिए विवश होना पड़ता था, आज भयमुक्त माहौल के कारण अपराधी खुद पलायन कर रहे हैं। राज्य का हर नागरिक और व्यापारी खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहा है। किसानों के कल्याण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज गन्ने का शत-प्रतिशत भुगतान समय पर हो रहा है और उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पाद से एथेनॉल बनाने में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुका है।
बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास के मोर्चे पर बड़ी घोषणाएं करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि शामली अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का हिस्सा है। यहां उत्तर प्रदेश का पहला अत्याधुनिक टेक्सटाइल पार्क स्थापित होने जा रहा है, जिससे हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही दिल्ली-देहरादून, शामली-अंबाला और शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, शामली जंक्शन का आधुनिकीकरण, पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज तथा कैराना में पीएसी वाहिनी व पुलिस लाइन का निर्माण तेज गति से किया जा रहा है।
रोजगार व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि अब नौकरियां बिना किसी भेदभाव के पूरी पारदर्शिता के साथ योग्यता के आधार पर मिल रही हैं। सभा में उपस्थित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सुदृढ़ कानून व्यवस्था व गन्ना भुगतान प्रणाली के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।
