डॉ. अतुल कृष्ण, डॉ. हिमांशु ऐरन और सुश्री अवनी कमल ने बताया—यह उपलब्धि संस्थान की रचनात्मक परंपरा की सशक्त पहचान

विशेष संवाददाता – लखनऊ
वरही creation पानीपत, हरियाणा द्वारा हरिद्वार में 21 मार्च से 23 march 2026 को तीन दिवसीय नैशनल कार्यशाला में सुभारती फाइन आर्ट्स कॉलेज के वरिष्ठ कलाकार एवं विभागाध्यक्ष संतोष कुमार को कला श्री सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उन्हें चित्रकला के क्षेत्र में “अदृश्य पीड़ा” शृंखला पर बनायी गयी चित्र के लिए प्रदान किया गया।

हरिद्वार स्थित garnea होटल में आयोजित समारोह में भारत हर प्रदेश से कला-जगत की प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं। सम्मान स्वरूप संतोष कुमार को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिन्ह प्रदान की गई। हरिद्वार के मजिस्ट्रेट सम्मान प्रदान करते हुए कहा कि संतोष कुमार की कला समकालीन भारतीय चित्रकला को नई दिशा देती है और उनकी सृजनशीलता युवा कलाकारों के लिए मानक स्थापित करती है।

इस उपलब्धि पर रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के न्यासी डॉ. अतुल कृष्ण ने बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान सुभारती परिवार के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा, “संतोष कुमार की साधना और अनुशासन विश्वविद्यालय की रचनात्मक विरासत को सुदृढ़ करते हैं। उनकी यात्रा यह सिद्ध करती है कि सतत अभ्यास और संवेदनशील दृष्टि से कला समाज को दिशा दे सकती है।”

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. हिमांशु ऐरन ने कहा कि संतोष कुमार की यह उपलब्धि सुभारती विश्वविद्यालय की कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में मजबूत पहचान का प्रमाण है। “यह सम्मान हमारे विद्यार्थियों को वैश्विक मानकों पर उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगा और अकादमिक–क्रिएटिव समन्वय को नई ऊर्जा देगा,”।

असिस्टेंट अकादमिक डायरेक्टर सुश्री अवनी कमल ने भी शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि संतोष कुमार के मार्गदर्शन में फाइन आर्ट्स के विद्यार्थी राष्ट्रीय मंचों पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह सम्मान शिक्षण और सृजन—दोनों क्षेत्रों में संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में संतोष कुमार ने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ सुभारती फाइन आर्ट्स और अपने विद्यार्थियों को समर्पित बताया। उन्होंने युवा कलाकारों से निरंतर अभ्यास, संवेदनशील दृष्टि के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ देश दीपक ने एक संदेश में कहा, “यह सम्मान हमारे शिक्षकों और विद्यार्थियों—दोनों के लिए प्रेरणा है। विश्वविद्यालय कला-साधना को हर संभव समर्थन देता रहेगा।”

उल्लेखनीय है कि varahi creation द्वारा दिया गया यह सर्वोच्च सम्मान न केवल संतोष कुमार की रचनात्मक यात्रा की मान्यता है, बल्कि रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय की कला-शिक्षा और सांस्कृतिक नेतृत्व की राष्ट्रीय स्वीकार्यता का भी सशक्त संकेत है।

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