
राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन समारोह में कुलपति डॉ. ऐरन का संदेश—मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स से सटीक चिकित्सा की नई दिशा।
ऋषिकेश, 25 मार्च। पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में आयोजित पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला, सम्मेलन एवं फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का भव्य समापन हुआ, जिसमें रासबिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून के कुलपति डॉ. हिमांशु ऐरन को उनके चिकित्सा एवं शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए “लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया।
यह कार्यक्रम “न्यू फ्रंटियर इन एप्लाइड जीनोमिक्स, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स एंड एडवांस्ड सिस्टम्स इन ट्रांसलेशनल रिसर्च इन लाइफ साइंस – 2026” विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 130 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. हिमांशु ऐरन ने कहा कि मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स आधुनिक चिकित्सा का आधार बन चुका है, जो जीन स्तर पर रोगों की पहचान कर सटीक और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को इस क्षेत्र में नवाचार और शोध को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय प्राणी सर्वेक्षण की वैज्ञानिक डॉ. अवतार कौर सिधू ने इसे वैज्ञानिक कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। वहीं आयोजन अध्यक्ष प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने देशभर से आए प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की।
डीएनए लैब्स (CRIS) के प्रबंध निदेशक डॉ. नरोत्तम शर्मा ने “विकसित भारत” के लक्ष्य को रेखांकित करते हुए युवाओं से रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजक बनने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को जीनोमिक्स, मॉलेक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, डीएनए तकनीक, डेटा विश्लेषण एवं आधुनिक वैज्ञानिक विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और फैकल्टी के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।

समापन अवसर पर विज्ञान एवं चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 26 शिक्षकों, वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों को सम्मानित किया गया, वहीं पोस्टर एवं मौखिक प्रस्तुतिकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. हिमांशु ऐरन की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता, शैक्षणिक उत्कृष्टता और समाज के प्रति उनके योगदान को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया, जिसने पूरे आयोजन को गौरवपूर्ण बना दिया।
