भारतीय जनता पार्टी साल 2022 से ही तिरंगा यात्रा निकाल रही है, लेकिन मिशन-2027 की तैयारियों में जुटी भाजपा के लिए यह अभियान इस बार खास है। यात्रा का उद्देश्य राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए लोगों को जागृत करना है, लेकिन पार्टी इसी बहाने वर्तमान विधायकों के साथ टिकट की दावेदारी करने वालों की ताकत भी परख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में गोरखपुर विधानसभा के बाद यात्रा बाकि आठ विधानसभा में भी ताकत दिखाने का जरिया बनेगी।
तिरंगा यात्रा की सफलता के लिए भाजपा ने जिला और महानगर में अलग-अलग संयोजक बनाते हुए जिम्मेदारियां बांटी हैं। गोरखपुर के 29 और महानगर के 10 मंडलों में 13 अगस्त तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। गोरखपुर महानगर और जिले की तिरंगा यात्रा में सभी 19 ब्लॉक के साथ 9 विधानसभा में पार्टी की विशेष तैयारी है। भाजपा ने प्रत्येक बूथ पर 50 तिरंगा फहराने की लक्ष्य तय किया है।
महानगर में भाजपा सभी 80 वार्ड में तिरंगा यात्रा निकालेगी। महानगर में तिरंगा यात्रा के संयोजक शशिकांत सिंह का कहना है कि हर घर तिरंगा फहराने का लक्ष्य है। महानगर के सभी 10 मंडलों के साथ नगर निगम के 80 वार्ड में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। शहर और ग्रामीण विधानसभा में 892 बूथ हैं। प्रत्येक बूथ में 200 से 250 घरों में तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय है। क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय का कहना है कि भाजपा के हर मंडल में विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में 11 और 12 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। गोरखपुर और लखनऊ के जिला मुख्यालय में तिरंगा यात्रा निकाली जा चुकी है। प्रदेश के शेष जिला मुख्यालय पर 13 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। 14 अगस्त तक सभी घरों में तिरंगा का वितरण सुनिश्चित कराने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में तिरंगा यात्रा की शुरुआत से पहले अपने संबोधन में किसी का नाम लिए बगैर नेहरू-गांधी परिवार पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘एक ही परिवार के नाम से सभी संस्थाओं का नाम होता था। उसी परिवार के नाम पर सभी योजनाएं घोषित होती थीं लेकिन आज इन क्रांतिकारियों को सम्मान दिया जा रहा है और आज शुरू होने वाली तिरंगा यात्रा भारत के अमर बलिदानियों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।’
