Indigo: इंडिगो की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर जीएसटी से संबंधित लगभग 59 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एयरलाइन ने शुक्रवार को शेयर बाजार को यह जानकारी दी। दक्षिण दिल्ली के कमिश्रर केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के अतिरिक्त आयुक्त ने वित्त वर्ष 2020–21 के लिए 58,74,99,439 रुपये का जुर्माना लगाया है। इंडिगो का कहना है कि वह इस आदेश को चुनौती देगी। बता दें, कंपनी ने बीएसई को दी जानकारी में कहा कि विभाग ने जीएसटी की मांग के साथ जुर्माना भी लगाया है।

एयरलाइन ने कहा, “हमारा मानना है कि अधिकारियों द्वारा पारित आदेश त्रुटिपूर्ण है। इसके अलावा हमारे पास इस मामले में मजबूत आधार हैं, जिनका समर्थन बाहरी टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह से भी मिलता है। इसलिए कंपनी इस आदेश को संबंधित प्राधिकरण के समक्ष चुनौती देगी।” एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का उसके फाइनेंस, ऑपरेशंस या अन्य गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा। होगी। इस कंपनी की शुरुआत 1993 में हुई थी।

इंडिगो में परिचालन संकट की जांच कर रही उच्चस्तरीय समिति के समक्ष एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन पेश हुए। सूत्रों ने बताया कि डीजीसीए की तरफ से गठित चार-सदस्यीय समिति ने एयरलाइन के सीईओ के अलावा सीओओ इसिद्रो पोर्केरास से भी कई घंटों तक पूछताछ की। सूत्रों ने पीटीआई से कहा कि एयरलाइन के दोनों शीर्ष अधिकारियों को चार-सदस्यीय पैनल के सामने अलग-अलग बुलाया गया। एल्बर्स करीब सात घंटे और पोर्केरास लगभग पांच घंटे पैनल के समक्ष रहे।

दिसंबर की शुरुआत से लेकर करीब एक सप्ताह तक इंडिगो की करीब 5000 उड़ानें रद्द होने से समूचे विमानन परिदृश्य में अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालांकि सरकार की तरफ से दबाव डाले जाने और नियामकीय सक्रियता के बाद इंडिगो की उड़ानों का परिचालन एक हद तक सामान्य स्थिति की तरफ बढ़ता दिख रहा है। इंडिगो ने शुक्रवार को 2,000 से अधिक उड़ानें संचालित कीं।

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