उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच गोंडा जिले की ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जिले की 76 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2019-20 के विकास कार्यों की ऑडिट जांच के दौरान करीब 12.15 करोड़ रुपये की धनराशि में गड़बड़ी और जरूरी अभिलेखों की कमी पाई गई है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, कई पंचायतें विकास कार्यों पर खर्च की गई राशि का पूरा हिसाब-किताब पेश नहीं कर सकीं।
ऑडिट में अनियमितता सामने आने के बाद संबंधित तत्कालीन ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सभी को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने और खर्च से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, परसपुर ब्लॉक की परसपुर ग्राम पंचायत में सबसे अधिक 75.85 लाख रुपये के खर्च का रिकॉर्ड नहीं दिया गया। उस समय यहां ग्राम प्रधान बिंदु पाण्डेय और पंचायत सचिव सत्येन्द्र कुमार सिंह थे। इसी तरह खरगूपुर ग्राम पंचायत में 49.27 लाख रुपये और कटरा ब्लॉक की सेलहरी पंचायत में 51.95 लाख रुपये के खर्च से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए।
इसके अलावा परसपुर ब्लॉक की मरचौर पंचायत में 32.82 लाख रुपये, डेहरास में 31.79 लाख रुपये, बालपुर हजारी में 28.94 लाख रुपये और सुसुंडा में 27.53 लाख रुपये की धनराशि पर आपत्ति दर्ज की गई है। निंदुरा में 25.18 लाख रुपये, सकरौर में 24.38 लाख रुपये, असरना में 23.83 लाख रुपये और रोवारी में 21.54 लाख रुपये के खर्च का भी पूरा ब्योरा नहीं मिल सका।
रामगढ़ पंचायत में 20.67 लाख रुपये, परसा गोड़री में 19.59 लाख रुपये, गोनवा में 18.88 लाख रुपये, राजापुर में 18.59 लाख रुपये, डोमाकल्पी में 14.20 लाख रुपये, लोहंगपुर में 12.98 लाख रुपये और सालपुर धौतल में 12.61 लाख रुपये के खर्च को लेकर भी नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा दर्जनों अन्य पंचायतों में 10 लाख रुपये से अधिक की राशि पर ऑडिट टीम ने आपत्ति जताई है। अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में भुगतान प्रक्रिया में वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया और रिकॉर्ड अधूरे पाए गए।
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) लालजी दूबे ने बताया कि जिले की 76 ग्राम पंचायतों ने अब तक विकास कार्यों पर खर्च की गई राशि का पूरा विवरण ऑडिट टीम को उपलब्ध नहीं कराया है। सभी को 15 दिन की मोहलत दी गई है और तय समय सीमा में दस्तावेज पेश नहीं करने पर संबंधित ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों से पूरी धनराशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
