कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों का SIR और चुनाव आयोग को लेकर विवाद लगातार जारी है। कांग्रेस ने रविवार को विरोध करते हुए SIR की पूरी प्रक्रिया को विफलता करार दिया। पार्टी ने कहा ‘वोटर लिस्ट में SIR के लिए प्रस्तावित उपाय इस बात को मानते हैं कि यह पूरी प्रक्रिया एक विफलता रही है।’

पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर लोगों के नाम हटाए गए हैं या खतरे में पड़े हैं। पार्टी का कहना है कि आयोग द्वारा किए जा रहे टुकड़ों में सुधार के उपाय बड़े पैमाने पर नागरिकों को वोटिंग के अधिकार से वंचित करने की समस्या को हल नहीं कर पाएंगे।

कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर वार किया और चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट को नुकसान की भरपाई की एक हताश कोशिश करार दिया।

उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि जनता के पैसों और संसाधनों की भारी बर्बादी करने वाली इस SIR प्रक्रिया का आखिर क्या मतलब रह गया है।

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी सोमवार यानि आज CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी।

चुनाव आयोग के रुख के खिलाफ विपक्षी गठबंधन एकजुट होकर अपनी रणनीति बना रहे हैं। 30 सितंबर को  गठबंधन की एक अहम बैठक होने वाली है जिसमें कई शीर्ष नेताओं के जुड़ने की संभावना है।

लेकिन कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक SP प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बताया है कि UP में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है, इसलिए वह पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों को भेजेंगे।

इसी बीच CPM महासचिव एम.ए. बेबी ने रविवार को AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। मुलाकात के बाद बेबी ने कहा, ‘केजरीवाल ने कहा कि एक बहुत मजबूत संघर्ष की जरूरत है ताकि यह उजागर किया जा सके कि EC किस तरह केंद्र सरकार के हाथों की कठपुतली बनकर काम कर रहा है।’

 

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