उत्तर प्रदेश की सत्ता पर चार बार काबिज रही बहुजन समाज पार्टी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। लोकसभा और विधान परिषद में बसपा के सदस्यों की संख्या शून्य होने के बाद राज्यसभा में भी पार्टी सदस्यविहीन हो जाएगी। इससे बसपा का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खतरे में है।
लोकसभा के बाद उत्तर प्रदेश विधान परिषद व विधान सभा में पहले से ही शून्य पर पहुंची बसपा दो माह बाद राज्यसभा में भी शून्य हो जाएगी। पार्टी के एक मात्र राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल भी 25 नवंबर को समाप्त हो जाएगा।
बसपा के पास एक भी विधायक नहीं है इसलिए पार्टी अब न राज्यसभा और न ही विधान परिषद सदस्य के चुनाव में लड़ने की स्थिति में है। 2022 के विधानसभा चुनाव में बलिया की रसड़ा विधान सभा सीट से पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह जीते थे। हाल ही में उनका निधन हो चुका है। बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद विधानसभा में भी बसपा की उपस्थिति समाप्त हो चुकी है।
