स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित किया। इस बार देशवासियों के नाम संदेश में सबसे ज्यादा फोकस में देश का युवा रहा। पीएम मोदी ने एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार को लेकर कुछ ऐसे बड़े ऐलान किए हैं, जिनका सीधा और गहरा असर आम हिंदुस्तानी घरों पर पड़ने वाला है। उन्होंने देश के उन तमाम युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की है, जो सरकारी नौकरी या किसी बड़े कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही, बदलते वक्त की नब्ज को बिल्कुल सटीक तरीके से पकड़ते हुए उन्होंने आने वाले एक साल के अंदर 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की ट्रेनिंग देने का भी एक बड़ा वादा किया है।

हम सब बहुत अच्छी तरह से जानते हैं कि आज के दौर में पढ़ाई कितनी महंगी हो गई है। खासकर जब बात किसी बड़े एग्जाम की तैयारी की आती है, तो लाखों रुपये पानी की तरह बह जाते हैं। पीएम मोदी ने अपने भाषण में आम हिंदुस्तानी परिवार की इसी दुखती रग पर हाथ रखा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कोचिंग का भारी-भरकम खर्च आज गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा बोझ बन चुका है। आज हालात ऐसे हो गए हैं कि हर मां-बाप को लगने लगा है कि अगर उन्होंने अपने बच्चे को किसी महंगी कोचिंग में नहीं भेजा, तो उनका बच्चा इस गलाकाट रेस में पीछे छूट जाएगा। यह एक अजीब सा सामाजिक और मानसिक दबाव बन गया है, जिसे खत्म करना अब बहुत जरूरी हो गया था।

इस मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग के पीछे सरकार का सीधा सा मकसद है आम परिवारों की गाढ़ी कमाई बचाना। प्रधानमंत्री ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में समझाया कि इस नई पहल से उन परिवारों के हजारों करोड़ रुपये बचेंगे, जो फिलहाल सिर्फ कोचिंग की मोटी फीस भरने में ही खर्च हो जाते हैं। इसका एक और बड़ा फायदा यह भी होगा कि बच्चों को घर से दूर जाकर किसी अजनबी शहर के छोटे-छोटे कमरों में अकेले नहीं रहना पड़ेगा। अक्सर हम देखते हैं कि घर से दूर रहने पर बच्चों पर पढ़ाई के साथ-साथ रहने-खाने का भी काफी स्ट्रेस रहता है। अब माता-पिता अपने बच्चों के करीब रह सकेंगे, उनकी सही से देखभाल कर सकेंगे और बच्चे भी घर के सुकून भरे माहौल में अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस कर पाएंगे।

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी और महात्वाकांक्षी योजना जमीन पर आखिर कैसे उतरेगी? इसके लिए पीएम मोदी ने देश के मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पर अपना भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास बेहतरीन टीचर्स, कमाल का टैलेंट और एक बेहद शानदार डिजिटल ढांचा पहले से ही मौजूद है। सरकार का प्लान इन सभी चीजों को एक साथ लाकर एक ऐसा जबर्दस्त नेटवर्क तैयार करने का है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में बैठा हुआ युवा मुफ्त में बेहतरीन कोचिंग का फायदा उठा सकेगा। यानी अब किसी भी होनहार बच्चे का टैलेंट पैसों का मोहताज नहीं रहेगा।

कोचिंग के अलावा, प्रधानमंत्री का दूसरा सबसे बड़ा ऐलान नई तकनीकी दुनिया से जुड़ा था। आज के वक्त में जब पूरी दुनिया एआई के इर्द-गिर्द तेजी से घूम रही है, तो भारत भला कैसे पीछे रह सकता है? दुनिया भर में नौकरियों का नेचर बहुत तेजी से बदल रहा है और बाजार में नई स्किल्स की डिमांड आसमान छू रही है। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने एक करोड़ युवाओं को AI की खास ट्रेनिंग देने की बात कही।

उन्होंने लाल किले से युवाओं में जोश भरते हुए कहा, “हाल ही में हमने ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ का भी आयोजन किया था। एआई का फैलाव आज बहुत तेजी से हो रहा है। मैं लाल किले की इस प्राचीर से देश के नौजवानों के लिए यह घोषणा करना चाहता हूं कि हम आने वाले एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल से पूरी तरह लैस करेंगे।” सरकार का विजन यहां एकदम साफ है कि भारत के युवा सिर्फ एआई का इस्तेमाल करने वाले कस्टमर न बनें, बल्कि इस नई दुनिया की लीडरशिप अपने हाथों में लें।

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