2027 विधानसभा चुनाव से पहले मल्हनी में हलचल तेज, भाजपा के नए चेहरे पर सबकी निगाहें
जौनपुर की सबसे हॉट सीट मानी जाने वाली मल्हनी विधानसभा (367) में इस बार नया सियासी प्रयोग देखने को मिल सकता है। सूत्रों और क्षेत्रीय जनता के बीच चल रही चर्चाओं के अनुसार, आशीष सिंह आशू मल्हनी से भाजपा के प्रबल दावेदार के रूप में उभर रहे हैं।
कौन हैं आशीष सिंह आशू ?

1. परिवारिक विरासत: आशीष सिंह आशू मल्हनी के कद्दावर नेता प्रांत गोरक्षा प्रमुख रहें एवं विधान सभा और नगर पंचायत के प्रभारी रहे वरिष्ठ भाजपा नेता
श्रद्धेय राजमणि सिंह जी के भतीजे हैं। राजमणि सिंह का नाम बडे सम्मान पूर्वक लिया जाता है। उसी विरासत और संस्कार को आगे बढ़ा रहे हैं आशीष सिंह आशू।
2. जमीनी नेता – जिला पंचायत सदस्य: वर्तमान में वे जिला पंचायत सदस्य के रूप में सक्रिय हैं। जिला पंचायत के माध्यम से उन्होंने काफी काम भी किया जनता के जरुरत मन्द जैसे कामों को जमीन पर उतारा है। इसी कारण उनकी जनता में गहरी पैठ है।
3. संघ और संगठन में मजबूत पकड़: आशीष सिंह आशू की सबसे बड़ी ताकत है – संघ (RSS) और भाजपा संगठन दोनों में उनकी गहरी पकड़ कई सालों से संघ के संपर्क में रहे हैं, भाजपा के हर मंडल स्तर के कार्यकर्ता से उनका सीधा संवाद है। भाजपा आलाकमान हमेशा ऐसे ही चेहरे को पसंद करता है जो संगठन को साथ लेकर चल सके।
क्यों हैं भाजपा के सबसे फिट उम्मीदवार?
मल्हनी विधानसभा हमेशा से समाजवादी पार्टी का गढ़ रही है। इसे भेदने के लिए भाजपा को एक ऐसे चेहरे की जरूरत है जो –
– स्थानीय हो: बाहरी उम्मीदवार का टैग न हो। आशीष सिंह आशू मल्हनी की मिट्टी से जुड़े हैं।
– सर्व समाज में स्वीकार्य हो: ठाकुर समाज से आने के बावजूद वे ब्राह्मण, यादव, दलित, मुस्लिम सभी वर्गों में बराबर लोकप्रिय हैं। युवा उन्हें ‘आशू भैया’ कहकर बुलाते हैं।
– युवा और अनुभवी का संगम: युवा जोश के साथ-साथ जिला पंचायत सदस्य के रूप में प्रशासनिक अनुभव भी है।
– विकास का विजन: उनका कहना है – “मल्हनी को जातिवाद से निकालकर विकासवाद पर लाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार मेरे तीन मुख्य मुद्दे होंगे।”
जनता क्या कह रही है?
चित्तौड़ी बख्शा, नौपडेवा, मल्हनी बाजार, करंजाकला क्षेत्र के लोगों से बात करने पर एक ही नाम सुनने को मिल रहा है – “इस बार आशू भैया को मौका मिलना चाहिए। राजमणि सिंह जी के बाद अगर किसी ने बिना पद के भी लोगों के सुख-दुख में साथ दिया है, तो वो आशू जी हैं।”
क्षेत्र के बुजुर्गों का मानना है कि अगर भाजपा ने आशीष सिंह आशू पर दांव लगाया, तो मल्हनी में कमल खिलना तय है।
2027 का समीकरण
मल्हनी में 2027 में लड़ाई त्रिकोणीय होने की उम्मीद है, लेकिन अगर भाजपा आशीष सिंह आशू जैसा स्थानीय, संघ की पसंद और जनता में पकड़ वाला चेहरा उतारती है, तो यह सीट भाजपा की झोली में आ सकती है।
फिलहाल आशीष सिंह आशू खुद को भावी विधायक नहीं, बल्कि “मल्हनी का सेवक” कहते हैं। उनका कहना है – “टिकट देना पार्टी का काम है, जनता की सेवा करना मेरा काम है।”
राजमणि सिंह के भतीजे के पास संघ-भाजपा और जनता -तीनों के साथ!
मल्हनी में नया चेहरा, नई उम्मीद: क्या आशीष सिंह ‘आशू’ होंगे 2027 में भाजपा के तुरुप के पत्ते?
