पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने आखिरकार अटकलों को विराम देते हुए अपनी नई राजनीतिक पार्टी ऐलान कर दिया है। दिव्या मित्तल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर नई पार्टी ‘जन नीति भारत’ बनाने की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी के तीन वचन भी बताए। दिव्या ने कहा कि उनकी पार्टी 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी।
आपको बता दें कि 30 अगस्त 2026 को दिव्या ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका इस्तीफा 14 सितंबर को स्वीकार कर लिया गया।
दिव्या ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य जनता को सीधे निर्णय प्रक्रिया से जोड़ना है।
वीडियो मैसेज में दिव्या मित्तल ने कहा- जब मैंने पिछली बार राजनीति में आने की बात की थी तो आपको एक नंबर दिया था। उस पर आपने इतने मैसेजेस भेजे कि व्हाट्सएप ने वह नंबर रोक दिया। मुझे इतने की उम्मीद नहीं थी, इसलिए मैंने इंतज़ाम भी नहीं किए थे। मैं आपसे माफ़ी मांगती हूं। मैं उम्मीद का दीया लेकर निकली थी और आपके संदेश आए तो लगा कि सूरज के सामने दीया लिए खड़ी हूं। मुझे तो सिर्फ़ खिड़की खोलनी थी तो अब आगे क्या? मैं अपनी पार्टी बना रही हूं। आप पूछेंगे कि पार्टियों की कमी है क्या? कमी पार्टियों की नहीं, सुनवाई की है।
सुनवाई कुछ की होती है, सबकी नहीं। आज मैं गंगा किनारे हूं और गंगा जी में हर बूंद बराबर होती है कोई छोटी या बड़ी नहीं। और रास्ता वो बूंदें खुद मिलकर तय करती हैं। मुझे ऐसी ही पार्टी बनानी है जिसमें हर व्यक्ति एक बूंद हो और हर बूंद गंगा। ऐसी ही सोच से निकली पार्टी का नाम है- जननीति भारत.उन्होंने आगे कहा, ”राजनीति आप पर राज करती है, जननीति में राज आपका होगा। और जननीति भारत 2027 का उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ेगी। लड़ेगी ताकि सरकार आपके हिसाब से चल सके, 5 साल में केवल 1 दिन नहीं, हर कदम पर।”हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA की पढ़ाई की है।
MBA पूरा करने के बाद वह नौकरी के लिए लंदन चली गई थीं, जहां उन्होंने जेपी मॉर्गन में काम किया। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। साल 2013 में वह इस परीक्षा में सफल रहीं और IAS अधिकारी बनीं।हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA की पढ़ाई की है। MBA पूरा करने के बाद वह नौकरी के लिए लंदन चली गई थीं, जहां उन्होंने जेपी मॉर्गन में काम किया। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। साल 2013 में वह इस परीक्षा में सफल रहीं और IAS अधिकारी बनीं।
