फरीदाबाद में INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की दो महिला नेताओं में मारपीट, थप्पड़बाजी का वीडियो वायरल
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की दो महिला नेताओं पर एक-दूसरे को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
लेखिका: अपूर्वा गुप्ता | अपडेट: 9 अक्टूबर 2026, सुबह 9:47 बजे IST
हरियाणा के फरीदाबाद में गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की दो महिला नेताओं के बीच मारपीट का मामला सामने आया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
इस घटना में शामिल नेताओं की पहचान पराग शर्मा और गजना लांबा के रूप में हुई है। पराग शर्मा बल्लभगढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं। यह प्रदर्शन कथित ‘वोट चोरी’ के विरोध में आयोजित किया गया था। कांग्रेस दिल्ली-NCR में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पराग शर्मा कांग्रेस का बैनर लेकर चलती दिखाई देती हैं, जबकि गजना लांबा उनके साथ चल रही होती हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब गजना लांबा ने पराग शर्मा से आगे निकलने की कोशिश की। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि पराग शर्मा ने गजना लांबा को थप्पड़ मारा, जिसके जवाब में लांबा ने भी उन्हें थप्पड़ मार दिया।
दोनों के बीच थप्पड़बाजी शुरू होने के बाद मौके पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ने हस्तक्षेप किया। इनमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक भी शामिल थे। नेताओं ने दोनों को अलग कर स्थिति संभालने की कोशिश की।
दोनों महिला नेताओं ने पुलिस में शिकायत दी
पुलिस थाना प्रभारी विष्णु मित्तार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विवाद एक तस्वीर हटाने को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद दोनों के बीच गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति बन गई।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, दोनों महिला नेताओं—गजना लांबा और पराग शर्मा—की ओर से अलग-अलग शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
उन्होंने बताया कि रैली के दौरान तस्वीर हटाने को लेकर विवाद हुआ, जो बाद में कहासुनी और कथित शारीरिक हमले तक पहुंच गया। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी शिकायत में एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।
यह मार्च पुराने फरीदाबाद में चांदी वाली धर्मशाला से पथवारी मंदिर तक आयोजित किया गया था। इसका नेतृत्व हरियाणा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पर्ल चौधरी और बलजीत कौशिक कर रहे थे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने घटना को ज्यादा तूल नहीं देने की बात कही। उनका कहना था कि भीड़ में साथ चलते समय कभी-कभी अनजाने में शारीरिक संपर्क हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले को सुलझा लिया जाएगा।
गजना लांबा ने बताया साजिश
गजना लांबा ने इस घटना को साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि विवाद अचानक मारपीट तक कैसे पहुंच गया।
समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब यह घटना हुई, तब प्रदर्शन लगभग समाप्त होने वाला था। उनके मुताबिक, उन्हें समझ नहीं आया कि पराग शर्मा को उनसे क्या आपत्ति थी।
लांबा ने आरोप लगाया कि चलते समय पराग शर्मा ने उन्हें चुटकी काटी, जिसके बाद वह पीछे मुड़ीं। उन्होंने कहा कि इसके बाद कुछ ही सेकंड में विवाद बढ़ गया।
गजना लांबा का कहना था कि यदि पराग शर्मा को उनसे कोई परेशानी थी, तो उन्हें सीधे बातचीत करनी चाहिए थी। उन्होंने दावा किया कि दोनों की पहले कभी मुलाकात नहीं हुई थी और उनका पराग शर्मा से कोई संबंध नहीं था।
जातिसूचक टिप्पणी करने का भी आरोप
गजना लांबा ने पराग शर्मा पर जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की होती है।
लांबा ने दावा किया कि वह पिछले 15 वर्षों से सक्रिय हैं और पराग शर्मा का कई लोगों से विवाद होता रहता है। उन्होंने इस कथित व्यवहार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा है। लांबा के मुताबिक, शिकायत सौंपने के बाद वरिष्ठ नेताओं ने उनसे बात की और समर्थन देने का आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नेताओं ने उनसे कहा कि उनके साथ जो हुआ, वह गलत था और वे उनके साथ खड़े हैं।
वहीं, खबर लिखे जाने तक पराग शर्मा की ओर से इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
