सुप्रीम कोर्ट ज्ञानवापी मस्जिद में कथित तौर पर मिले शिवलिंग की सुरक्षा से संबंधित याचिका पर 10 नवंबर को सुनवाई करेगा। इससे पहले मई में शीर्ष अदालत ने क्षेत्र को संरक्षित करने का आदेश दिया था। कथित शिवलिंग के क्षेत्र को संरक्षित रखने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश 12 नवंबर को खत्म हो रहा है। इसलिए पांच हिंदू महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील विष्णु शंकर जैन ने पिछले आदेश की अवधि समाप्त होने से पहले मामले को सूचीबद्ध करने के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया। न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ मामले पर जल्द सुनवाई के लिए तैयार हो गई और मामला 12 नवंबर से पहले सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया है।सोमवार को हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट से ज्ञानवापी मामले में जल्द सुनवाई की मांग करते हुए कहा था कि शीर्ष अदालत ने ही ज्ञानवापी के सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग को संरक्षित करने का आदेश जारी किया था। जैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश 12 नवंबर तक लागू रहेगा। जैन ने पीठ को बताया कि निचली अदालत द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफिक सर्वेक्षण की अनुमति दिए जाने के बाद शीर्ष अदालत ने 17 मई को उस क्षेत्र को संरक्षित करने को कहा था जहां आयोग ने शिवलिंग पाए जाने की बात कही थी। हिन्दू पक्ष का कहना है कि आदेश का अवधि समाप्त होने से पहले मामले की सुनवाई की जाए। इस पर कोर्ट राजी हो गया है।

2022-10-31 16:37:31
17 DECEMBER WISDOM
0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *