देश की निगाहें आज पांच राज्यों- केरल, असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के नतीजों पर टिकी हुई हैं, लेकिन इन भारी सियासी सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कर्नाटक से एक बड़ी और चौंकाने वाली ‘गुड न्यूज’ मिली है। शृंगेरी विधानसभा सीट पर हुए एक नाटकीय उलटफेर में, 2023 का चुनाव हार चुके बीजेपी उम्मीदवार डीएन जीवराज को अब आधिकारिक रूप से विधायक घोषित कर दिया गया है। एक तरफ जहां पांच राज्यों की मतगणना से नई सरकारों के हार-जीत के फैसले हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक में हाईकोर्ट के आदेश पर हुई पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती ने कांग्रेस के मौजूदा विधायक की कुर्सी छीनकर बीजेपी की झोली में डाल दी है।
कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्रों) की दोबारा गिनती और पुनर्सत्यापन के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने यह फैसला सुनाया है। इस फैसले के बाद, मई 2023 से विधायक रहे कांग्रेस के टी डी राजे गौड़ा की विधायकी समाप्त हो गई है।
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजे गौड़ा ने इस सीट से मात्र 201 वोटों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की थी। लेकिन पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती ने पूरा समीकरण बदल दिया:
नतीजे पलटने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार राजे गौड़ा और उनके समर्थकों ने “वोटों से छेड़छाड़” का आरोप लगाया है: राजे गौड़ा ने रविवार सुबह पत्रकारों से कहा, “मेरे पक्ष में डाले गए मतपत्रों पर निशान बनाए गए हैं। उन पर अलग स्याही का इस्तेमाल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। 2023 में गिनती के दौरान सभी पार्टियों के एजेंटों की मौजूदगी में उन सभी मतपत्रों को वैध माना गया था, लेकिन अब उन्हें अवैध बताकर मेरे वोट कम कर दिए गए हैं।”
2023 चुनाव में राजे गौड़ा के काउंटिंग एजेंट रहे सुधीर कुमार मुरोली ने चिक्कमगलुरु टाउन पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में 255 मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए पूर्व चुनाव अधिकारी वेदमूर्ति, डीएन जीवराज और पूर्व डिप्टी कमिश्नर (DC) केएन रमेश के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की मांग की गई है।
दिलचस्प वाकया: इस विवाद के बीच एक अजीब स्थिति तब पैदा हुई थी जब शनिवार को ही राजे गौड़ा और उनके समर्थकों ने नतीजे अपने पक्ष में होने का दावा करते हुए पहले ही जीत का जश्न मना लिया था, लेकिन अंतिम नतीजे उनके खिलाफ गए।
