गर्मियां शुरू होते ही सिर्फ धूप-पसीना ही परेशान नहीं करता बल्कि चीजों की सुरक्षा की टेंशन भी बढ़ जाती है। हाल ही में एसी ब्लास्ट के कई केसेस सुनने को मिले लेकिन गर्मी में AC ही नहीं आपकी रसोई का सिलेंडर भी फट सकता है। तेज गर्मी में किचन की तपिश में काम करना किसी चुनौती से कम नहीं होता, ऐसे में LPG सिलेंडर का भी थोड़ा ध्यान रखना पड़ता है। अगर सिलेंडर गर्माहट से ज्यादा गर्म हो गया तो भारी नुकसान हो सकता है। बीत कुछ दिनों पहले सिलेंडर फटने के भी कई मामले सुनने को मिले, जिसमें लोगों का घर-सामान सबकुछ राख हो गया। आपके साथ ऐसा कोई हादसा ना हो इसके लिए पहले से ही कुछ सावधानियां बरत सकते हैं। एलपीजी सिलेंडर से जुड़े कुछ सेफ्टी टिप्स हैं, जो हर किसी को अपनाने चाहिए। इससे सिलेंडर फटने का खतरा कम होगा और आपका सिलेंडर भी लंबा चलेगा।
सिलेंडर के अंदर LPG (लिक्विड + गैस) दबाव में भरी होती है। जैसे-जैसे बाहर की गर्मी का तापमान बढ़ता है, अंदर गैस का प्रेशर भी बढ़ता है। अगर सिलेंडर बहुत ज्यादा गर्म हो जाए तो यह दबाव असामान्य लेवल तक जा सकता है। हर सिलेंडर एक तय प्रेशर तक सेफ रहता है। उससे ज्यादा होने पर सेफ्टी वाल्व गैस रिलीज करने की कोशिश करता है। जिससे फटने का खतरा ना हो लेकिन अगर वाल्व ही खराब हो या जाम हो, तो खतरा बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि सिलेंडर की समय-समय पर जांच हो।
LPG सिलेंडर का सेफ्टी वॉल्व (PRV- Pressure Relief Valve) आम तौर पर यूज़र-टेस्ट करने के लिए नहीं होता। इसे खुद खोलना/छेड़ना खतरनाक हो सकता है। वॉल्व/टॉप एरिया पर जंग, दरार, तेल/चिकनाई या गंदगी दिखें सतर्क रहें, साथ ही वॉल्व के आसपास डेंट या डैमेज हो तो सिलेंडर यूज न करें और डिस्ट्रीब्यूटर को वापिस करें।
गैस लीकेज कई बार गैस की खुली नॉब के कारण आती है, तो कई बार सिलेंडर से भी। अगर गैस की बदबू आ रही है या सीसी करके आवाज आ रही है, तो फौरन रेग्यूलेटर बंद करें। घर के खिड़की-दरवाजों को खोलें और एजेंसी को फोन कर बुलाएं।
सिलेंडर हर महीने खत्म होता है और फिर बदल जाता है लेकिन क्या आप रेगुलेटर और खराब पाइप को बदल रहे हैं। कई बार सिलेंडर फटने के पीछे का कारण यही होता है और इससे बड़ा खतरा हो सकता है। मान लीजिए पाइप से गैस लीक हो रही है और आपने उसी वक्त गैस जलाई तो फौरन आग पकड़ लेगी और फिर इससे सिलेंडर भी फटेगा।
अगर आपकी किचन गर्म ज्यादा रहती है, तो सिलेंडर को कहीं बाहर की ओर सेट करें। गर्म जगह पर रहने से सिलेंडर हीट होगा और ऐसे में हादसे का डर रहता है। इसके अलावा धूप में भी सिलेंडर कभी ना रखें। कई लोग सिलेंडर लेने के बाद उसे आंगन में धूप में ही रखकर छोड़ देते हैं।
गैस का काम खत्म होने के बाद फौरन रेगुलेटर बंद करें, खासतौर पर रात में खाना पकाने के बाद। अक्सर लोग खाना बनाने के बाद गैस स्टोव बंद कर देते हैं लेकिन सिलेंडर का रेगुलेटर चालू छोड़ देते हैं। यह आदत खतरनाक हो सकती है।
हर सिलेंडर पर एक कोडा लिखा होता है, जिसके जरिए आप उसकी एक्सपायरी का पता लगा सकते हैं। पुराना सिलेंडर इस्तेमाल करना भी खतरा बन सकता है। इसलिए इन कोड्स को समझें और हमेशा ध्यान रखें-
A-26 का मतलब हुआ कि ये सिलेंडर साल 2026 में मार्च तक चलेगा। इसके बाद ये एक्सपायर हो जाएगा। ऐसे में हर नंबर के हिसाब से महीने वाला कोड लिखा होगा। एक्सपायर सिलेंडर कभी ना लें और हो जाने पर एजेंसी को लौटाएं।
