गुजरात में इस साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की बीजेपी सरकार ने शनिवार को समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने शनिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसी के साथ देश में अब एक बार फिर से यूनिफॉर्म सिविल कोड की चर्चा फिर से शुरू हो गई है। आइए जान लेते हैं कि आखिर यूनिफॉर्म सिविल कोड क्या है और क्यों इसकी मांग होती रही है?

यूनिफार्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता का मतलब है कि सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम। यानी भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होगा, फिर वह चाहे किसी भी धर्म या जाति का हो। इसक कानून के लागू होने पर शादी, तलाक, जमीन जायदाद के बंटवारे सभी में एक समान ही कानून लागू होगा, जिसका पालन सभी धर्मों के लोगों को करना अनिवार्य होगा।

दुनिया के कई और देशों में लागू है यह कानून

दुनिया के कई देशों में इसी तरह के कानून लागू हैं। अमेरिका, आयरलैंड,  बांग्लादेश, मलेशिया, तुर्की, इंडोनेशिया, सूडान, इजिप्ट जैसे कई देश हैं जहां एक समान नागरिक संहिता कानून लागू है। भारत में एक समान नागरिक संहिता लागू नहीं है। यहां, अधिकतर निजी कानून धर्म के आधार पर तय किए गए हैं। कुछ मामलों को छोड़कर हिंदू, सिख जैन और बौद्ध के लिए व्यक्तिगत कानून है। कई मामलों में मुसलमानों और इसाइयों के लिए अपने कानून हैं। मुसलमानों का कानून शरीअत पर आधारित है जबकि बाकी धार्मिक समुदायों के कानून संसद के संविधान पर आधारित है।

2022-10-29 16:17:02
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