ऐसा है पूरा मामला
इस पूरे वाकए को समझने के लिए आपको चलना होगा साल 2019 में। देश में लोकसभा के चुनाव चल रहे थे। रामपुर में डीएम थे आंजनेय कुमार सिंह। आजम खान की तूती बोलती थी। आलम यह था कि आजम के सामने बोलने की हिम्मत अफसर नहीं जुटा पाते थे। लोकसभा चुनाव के दौरान डीएम आंजनेय जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका में थे। इस दौरान आजम खान लगातार उनके ऊपर निशाना साध रहे थे। अफसरों पर हमला बोलते-बोलते आजम शब्दों की मर्यादा तक लांघ गए थे।
जूते साफ कराने तक की कह डाली थी बात
आजम खान ने इस दौरान डीएम से जूते साफ कराने तक की बात भी कह डाली थी। वहीं, डीएम आंजनेय, आजम खान के बयानों पर कानूनी शिकंजा कसते जा रहे थे। एक के बाद एक मुकदमे दर्ज होते गए। आजम खान के बयान किस कदर अपमानजनक थे, इसका अंदाजा उस एफआईआर से लगाया जा सकता है, जिस केस में उन्हें सजा सुनाई गई है। एफआईआर के मुताबिक आजम ने कहा था कि डीएम अंधा हो गया है। इन जैसे कितने डीएम ने मेरे ऑफिस में खड़े-खड़े पेशाब कर दिया है। लोकसभा चुनाव खत्म होते ही आजम के खिलाफ कई केसेज दर्ज किए गए। आईएएस आंजनेय का कहना है कि हमने पूरी तरह से निष्पक्ष चुनाव कराया था। प्रशासन के आरोप कोर्ट में सही साबित हुए।
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