राजधानी लखनऊ में किफायती फ्लैट का सपना देखने वाले हजारों परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण अनंत नगर और शारदा नगर विस्तार योजना में अदिति अपार्टमेंट और बागेश्वरी अपार्टमेंट नाम से दो बड़ी आवासीय परियोजनाएं विकसित करेगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई। दोनों योजनाओं में कुल 2640 फ्लैट बनाए जाएंगे। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार अदिति व बागेश्वरी अपार्टमेंट के निर्माण को मंजूरी दे दी गयी है। पीएम आवास के मकान करीब नौ लाख में मिलेंगे। जबकि मध्यम वर्ग के मकान लगभग 34 लाख में आवंटित किए जाएंगे। योजना में कई सुविधाएं मिलेंगी।
इन परियोजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले 1 बीएचके फ्लैट मात्र 8.99 लाख रुपये में उपलब्ध होंगे। इनके निर्माण के लिए राज्य व केन्द्र सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये तक की सब्सिडी भी दी जाएगी। वहीं मध्यम आय वर्ग के लिए दो बेडरूम वाले फ्लैट भी बनाए जाएंगे।
अनंत नगर आवासीय योजना में बनने वाला अदिति अपार्टमेंट 14 मंजिला होगा। इसमें कुल पांच टावर बनाए जाएंगे। 1 बीएचके (प्रधानमंत्री आवास योजना) के फ्लैट की कीमत ₹8.99 लाख जबकि 2 बीएचके के फ्लैट की कीमत ₹34.82 लाख रुपए निर्धारित की गयी है।
शारदा नगर विस्तार योजना में पीजीआई के निकट बनने वाला बागेश्वरी अपार्टमेंट 12 मंजिला होगा। इसमें कुल 1248 फ्लैट बनाए जाएंगे। इनमें 312 फ्लैट पीएम आवास और 936 फ्लैट दो बेडरूम श्रेणी के होंगे। 1 बीएचके फ्लैट की कीमत ₹8.99 लाख तथा दो बेडरूम के फ्लैट की कीमत ₹34.90 लाख रुपए होगी।
वहीं, मोहनलालगंज क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद आवास एवं विकास परिषद की दो महत्वाकांक्षी आवासीय योजनाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। करीब दो वर्ष की प्रक्रिया के बाद अब दोनों योजनाओं के लिए लैंड पूलिंग की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों के साथ चर्चा का दौर पूरा हो चुका है और अब जमीन का मूल्य तय कर सहमति के आधार पर भूमि जुटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
परिषद की भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना-1 और योजना-3 के लिए लगभग 4500 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इन योजनाओं के विकसित होने पर तीन लाख आवास बनाए जाएंगे, जिनमें 10 लाख से अधिक लोगों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी। यह क्षेत्र पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और सुलतानपुर रोड के निकट होने के कारण भविष्य में राजधानी का बड़ा आवासीय केंद्र बनने जा रहा है।
इन गांवों की ली जाएगी जमीन: योजना संख्या-1 में चांदसराय, कासिमपुर, बिरूहा, हबुआपुर, मोअज्जमनगर, सठवारा, सिद्धपुरा, भटवारा, पहाड़नगर टिकरिया, कबीरपुर, मगहुआ और बेली गांव शामिल हैं। योजना संख्या-3 के लिए देहरामऊ, पहासा, बेली, शिथौलीकला, शिवलर और हबुअबापुर गांवों की भूमि प्रस्तावित है।
आवास विकास परिषद के अनुसार दोनों योजनाओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। सभी आंतरिक सड़कें फोर लेन होंगी, जबकि मुख्य मार्ग सिक्स लेन बनाए जाएंगे। योजनाओं में सड़क, जलापूर्ति, सीवर, पार्क, संस्थागत और व्यावसायिक सुविधाओं सहित बुनियादी ढांचे पर लगभग 25 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
