गोरखपुर स्थित गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र को दोबारा सक्रिय करने की मांग तेज हो गई है। पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर संस्थान को पूर्व की तरह पूरी क्षमता के साथ संचालित कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र पूर्वांचल के गन्ना किसानों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का प्रमुख माध्यम रहा है, लेकिन वर्तमान में इसकी गतिविधियां लगभग बंद हो गई हैं।
आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने 18 जून के अंक में,‘गन्ना किसान संस्थान पिपराइच के भविष्य पर सवाल’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। 25 हजार किसानों को प्रशिक्षण देने वाला केंद्र की गतिविधियां आठ माह से ठप पड़ी हैं। 08 जून को सभी कर्मियों को लखनऊ मुख्यालय अटैच्ड किया गया।1978 से सक्रिय संस्थान 12 जनपदों के गन्ना किसानों को प्रशिक्षित कर रहा था।
महेंद्र पाल ने अपने पत्र में लिखा है कि 1978 से यह संस्थान गन्ना विकास विभाग की ओर से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत गन्ना उत्पादन, बीज प्रबंधन, फसल संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था और उत्पादन बढ़ाने की जानकारी देने के उद्देश्य से की गई थी।
यह संस्थान गोरखपुर मंडल समेत पूर्वांचल के करीब 12 जिलों के किसानों को प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लाभ पहुंचाता रहा है। संस्थान में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम, अध्ययन भ्रमण और तकनीकी जानकारी से किसानों को काफी लाभ मिलता था। वर्तमान में प्रशिक्षण गतिविधियां लगभग बंद हो चुकी हैं और यहां तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को अन्यत्र संबद्ध है। इससे किसान आधुनिक तकनीक और सरकार की योजनाओं की जानकारी से वंचित हो रहे हैं।
विधायक ने मुख्यमंत्री से पूर्वांचल के किसानों के हित में गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र को पुन: शुरू कराने और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कराने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है।
