दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की जा रही है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अनशन खत्म करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सोनम वांगचुक को अनशन तोड़ दें। सत्याग्रह का महत्व वह क्या जानें जो सत्ताग्रह के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं।
सपा चीफ अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘सोनम वांगचुक से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए। जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है। उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है। अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है। उनके लिए धन ही प्रधान है। वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। सत्याग्रह का महत्व वो क्या जानें जो सत्ताग्रह के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो खुदगर्ज़ लोग हैं।
इस बीच, आयोजकों के अनुसार अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान सोनम वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम घट गया है और उनका रक्तचाप भी गिरकर 107/70 एमएमएचजी रह गया है। उनकी रक्तशर्करा का स्तर भी घटकर 67 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि लोगों की जिंदगियां दांव पर लगी हैं।
