मणिरत्नम की हाल ही में रिलीज हुई पोन्नियिन सेल्वन यानी पीएस-1 लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। इस फिल्म में चोल वंश के शासक राज राजा की कहानी दिखाई गई है। वहीं फिल्म की रिलीज के बाद से इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि राज राजा चोल हिंदू थे या नहीं? राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता तमिल फिल्ममेकर वेत्रिमारन ने हफ्ते भर पहले इसको लेकर बयान दिया था कि चोल शासन के दौरान हिंदू धर्म जैसी कोई चीज नहीं थी। इस बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया है और यह बात तमिलनाडु में बहस का विषय बनी हुई है।
जयकुमार ने दिया यह तर्क
दक्षिण-पूर्वी एशियाई इतिहासकार और पीएस-1 के लिए मणिरत्नम को सलाह देने वाले एस जयकुमार ने भी इस बारे में अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि चोल वंश के दौरान हिंदू शब्द रिकॉर्ड में नहीं मिलता है। हालांकि जयकुमार कहते हैं कि राज राजा एक शैव और हिंदू राजा था। उन्होंने कहा कि आज जिस हिंदूवाद की बात होती है, वह कई शताब्दियों से मौजूद है। जो लोग शिव की पूजा करते थे उन्हें शैव और जो विष्णु की पूजा करते थे, उन्हें वैष्णव कहा जाता है। जयकुमार के मुताबिक हालांकि राज राजा एक कट्टर शैव थे, लेकिन ऐसा नहीं है कि उन्होंने केवल शिव के ही मंदिर बनवाए। उन्होंने भगवान विष्णु के मंदिरों का भी निर्माण कराया। उनकी कुलदेवी तंजावुर में निशुंभसुदिनी थीं। वह लोग दुर्गा, शक्ति, और काली के साथ-साथ मुरुकन और गणेश की भी पूजा करते थे।

2022-10-07 15:56:18 https://wisdomindia.news/?p=6663
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