राजस्थान की सियासत में बीते सप्ताह हलचल काफी तेज थी। कांग्रेस अध्यक्ष बनने की रेस में बताए जा रहे अशोक गहलोत के विधायकों ने बगावती तेवर दिखाते हुए हाईकमान के आदेश से उलट अलग मीटिंग बुला ली थी। माना जा रहा था कि सचिन पायलट को अशोक गहलोत की जगह सीएम न बनाया जाए, इसके लिए यह पूरी कवायद की गई थी। लेकिन पूरे मामला अशोक गहलोत गुट के लिए उलटा पड़ता दिखा, जब सोनिया गांधी ने नाराजगी दिखाई। इसके बाद अशोक गहलोत को उनसे मिलने के लिए भी दो दिन तक टाइम लेने के लिए इंतजार करना पड़ा। अशोक गहलोत की जब सोनिया गांधी से मुलाकात हुई तो वह पूरी तरह सरेंडर नजर आ रहे थे और कहा कि मैंने सोनिया जी से माफी मांग ली है।इसी लाइन में उन्होंने यह भी कहा दिया था कि अब मैं अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ूंगा। तब माना जा रहा था कि अशोक गहलोत ने सरेंडर कर दिया है और हाईकमान की ओर से उन पर ऐक्शन भी लिया जा सकता है। यानी सीएम की उनकी कुर्सी भी असुरक्षित नजर आ रही थी। हालांकि अब अशोक गहलोत का सरेंडर मोड ही कामयाब नजर आ रहा है और कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद इस बार वह पूरा टर्म करेंगे। यही नहीं अशोक गहलोत के भी जयपुर पहुंचकर तेवर बदल गए हैं और वह एक बार फिर से सचिन पायलट गुट पर हमला बोलते दिख रहे हैं।

2022-10-04 17:40:04 https://wisdomindia.news/?p=6531
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