बांग्लादेश में उस्मान हादी की हत्या को लेकर ममता बनर्जी ने बड़ा दावा किया था। उनका कहना था कि हादी की हत्या के बारे में जानकारी दबाने के लिए सरकार ने कहा था। अब बांग्लादेश का कहना है कि वह भारत के एक नेता के बयान को तवज्जो नहीं देते हैं और इस मामले में सरकार के साथ संपर्क में हैं। दिसंबर में हादी की हत्या हो गई थी।

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने दावा किया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें जानकारी दबाने के लिए कहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, कलकत्ता में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा है कि शाह ने निर्देश दिए थे कि इसमें शामिल लोगों के नहीं बताए जाएंगे। हालांकि, इसपर भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बांग्लादेश की विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा उबैद ने कहा है कि किसी दूसरे देश के नेता के बयान पर बांग्लादेश चर्चा नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘किसी दूसरे देश में चुनाव हुए और एक राजनेता ने कुछ बयान दिए हैं। यह मुद्दा हमारे बात करने के लिए नहीं है।’ उन्होंने कहा कि हादी के मामले में बांग्लादेश सिर्फ सरकार की तरफ से मिली जानकारी पर विचार करेगा।

उन्होंने कहा, ‘हमें हादी की हत्या के लिए इंसाफ चाहिए। कोशिशें जारी हैं और हम उम्मीद करते हैं कि जिन लोगों को भारत में गिरफ्तार किया गया है, वो बांग्लादेश को लौटाए जाएंगे, ताकि कानूनी कार्यवाही शुरू हो सके।’ उन्होंने कहा कि बांग्लादेश इस मामले को सिर्फ सही राजनयिक और कानूनी तरीके से ही आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि कोलकाता में किसी नेता की बात पर जवाब देना उचित नहीं होगा।

मार्च में बांग्लादेश ने कहा था कि हादी की हत्या के आरोपी दो संदिग्ध हमलावरों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तब सरकार ने कहा था कि आरोपियों को प्रत्यर्पित करने की शुरुआत की गई है। ढाका में एक अलग संवाददाता सम्मेलन में बांग्लादेश के पुलिस प्रमुख मोहम्मद अली हुसैन फाकिर ने कहा था कि संदिग्धों फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन को वापस लाने के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं।

इंकलाब मंच के प्रवक्ता और भारत के कट्टर आलोचक रहे हादी जुलाई-अगस्त 2024 के जनांदोलन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हुए थे। इन आंदोलनों के कारण शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार गिर गई थी। 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान हादी के सिर में गोली मार दी गई थी। हादी आगामी 12 फरवरी के संसदीय चुनाव में उम्मीदवार थे। उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

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