सरकारी विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ यूपी की योगी सरकार पूरी तरह सख्ती के मूड में है। इसके तहत अलीगढ़-आगरा समेत पांच जिलों के 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच शुरू कराई है। यह लोग आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंस गए हैं। एंटी करप्शन थाना (भ्रष्टाचार निवारण इकाई) पुलिस इन सभी की संपत्ति की गोपनीय जांच कर रही है। इनमें इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, लेखपाल, बाबू, सींच पर्यवेक्षक शामिल हैं। छह कर्मचारी पूर्व से ही रडार पर थे, जबकि शासन के अनुमोदन के बाद छह और कर्मियों की जांच खोली गई है। इनमें आगरा व हाथरस के तीन कर्मचारियों की जांच पूरी हो चुकी है, जिसमें आगे की कार्रवाई की तैयारी है।
21 नवंबर 2022 को छेरत पुलिस लाइन में एंटी करप्शन थाना स्थापित हुआ था। यहां अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों में भ्रष्टाचार, रिश्वत मांगने संबंधी शिकायतों पर सुनवाई होती है। एंटी करप्शन की ओर से लगातार कई सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। इसके बाद टीम की ओर से संपत्ति की जांच के लिए पत्र लिखा जाता है। शासन के अनुमोदन के बाद संपत्ति की जांच शुरू होती है।
इनके अलावा कुछ मामलों में शासन के निर्देश पर सीधे जांच करवाई जाती है। ऐसे में दोनों मिलाकर अब तक कुल 13 सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति की जांच के दायरे में आए, जिनमें अलीगढ़ के सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ चंडौस थाने में मुकदमा दर्ज हो चुका है। 12 की जांच अभी चल रही है। एंटी करप्शन टीम ने गोपनीय तरीके से इनकी संपत्ति का ब्योरा एकत्रित कर लिया है। इनमें हाथरस के इंस्पेक्टर, हाथरस के सब-इंस्पेक्टर व आगरा के लेखपाल के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है।
प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त कराए जाने के एवज में यदि कोई अधिकारी-कर्मचारी सुविधा शुल्क, रिश्वत, धनराशि, पारिश्रमिक की मांग करता है तो तत्काल एंटी करप्शन थाना को सूचना दें। इसके लिए 9454402484 (कंट्रोल रूम), 9454402485 (इंस्पेक्टर एंटी करप्शन थाना) व ई-मेल aco-aligarh.al@up.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायतकर्ता का नाम पूर्ण रूप से गोपनीय रखा जाएगा।
एंटी करप्शन थाने के इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह के अनुसार शासन के अनुमोदन के बाद अलीगढ़ समेत पांच जिलों के कुल 12 कर्मचारियों की संपत्ति की जांच की जा रही है। इनमें अधिकतर वो कर्मचारी हैं, जिन्हें पूर्व में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। इनमें तीन के खिलाफ जांच लगभग पूरी हो चुकी है। इसमें अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।
