राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को साफ कर दिया कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान के से संबंधित घटनाक्रम के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी भी मांगी। गहलोत की माफी के बाद राजस्थान कांग्रेस के नेताओं में खुद को ‘आलाकमान का वफादार’ बताने की होड़ सी मच हई। राजस्‍थान विधानसभा में मुख्‍य सचेतक महेश जोशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम में पार्टी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से माफी मांगकर अनुकरणीय मिसाल पेश की है। इसके अलावा भी कई अन्य नेताओं ने कांग्रेस आलाकमान के प्रति अपनी वफादारी साबित करने की कोशिश की। हालांकि ‘वफादारी’ द‍िखाने के ल‍िए कांग्रेसी नेताओं की जुबानी जंग में निशाने पर सचिन पायलट खेमा ही रहा। प्रदेश के खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचर‍ियावास ने ताजा घटनाक्रम पर कहा, ‘जो मुख्‍यमंत्री गहलोत के शब्‍द हैं, वही हम सभी (विधायकों) के शब्‍द हैं।’ राज्‍य में मुख्‍यमंत्री बदले जाने की अटकलों के बारे में मंत्री ने कहा,'(गहलोत) मुख्‍यमंत्री बने रहेंगे या नहीं इस बारे में फैसला सोनिया गांधी ही करेंगी।’राजस्‍थान पर्यटन विकास न‍िगम (आरटीडीसी) के अध्यक्ष और गहलोत के वफादार धर्मेंद्र राठौड़ ने बृहस्‍पतिवार को सच‍िन पायलट खेमे के माने जाने वाले विधायक वेद प्रकाश सोलंकी पर निशाना साधा। राठौड़ ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं यह साबित करने के लिए साक्ष्य दूंगा कि कौन गद्दार है और कौन वफादार। यह सबके सामने आएगा। सोलंकी ने जिला परिषद चुनाव के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां से एक होटल में मुलाकात की थी।” उन्होंने सोलंकी की भाजपा अध्यक्ष पून‍ियां के साथ बैठक का एक वीडियो दिखाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यह जिला परिषद चुनावों के दौरान सदस्यों की खरीद फरोख्‍त की साजिश थी।

2022-09-29 16:05:48
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