बिहार की राजनीति में आज व्यापक बदलाव का दिन है। राज्य को नए मुख्यमंत्री का नाम पता चलेगा, जो भाजपा का पहला सीएम होगा। जेडीयू और एनडीए विधायक दल के नेता के तौर पर सरकार चला रहे नीतीश कुमार आज इस्तीफे देने जा रहे हैं। नीतीश के इस्तीफा के बाद एनडीए विधायक दल तो भाजपा विधायक दल के नेता को अपना नेता चुन लेगा, लेकिन जदयू के विधायकों को नीतीश की जगह विधानमंडल दल का नया नेता चुनना होगा। नीतीश ने दोपहर 2 बजे सीएम आवास पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायकों और विधान पार्षदों की बैठक बुलाई है। राज्यसभा सांसद बन चुके नीतीश अभी जेडीयू विधानमंडल दल के नेता हैं।
बिहार में चूंकि विधानमंडल में विधानसभा और विधान परिषद दोनों है, इसलिए कोई नेता एमएलसी रहते हुए भी मुख्यमंत्री बन सकता है, बशर्ते विधानसभा में बहुमत हो। नीतीश विधान परिषद सदस्य के तौर पर सीएम बनते रहे हैं, क्योंकि वो विधानमंडल दल का नेता बनते रहे हैं। सरकार को बहुमत विधानसभा में साबित करना होता है, जहां विधायकों की गिनती होती है। जदयू के विधानमंडल दल के नेता नीतीश हैं। विधानसभा में श्रवण कुमार और विधान परिषद में ललन सर्राफ जदयू के उपनेता हैं। नीतीश के नेता पद से हटन के बाद दोनों सदनों में पार्टी को एक-एक नेता की जरूरत होगी। यह नाम आज 2 बजे की बैठक में तय हो सकता है।
नीतीश जब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे तो जदयू को विधानसभा और विधान परिषद में नया नेता चुनना ही होगा। विधानसभा में जदयू के 85 विधायक हैं। सरकार चलाने में नीतीश के सबसे करीब संसदीय कार्यमंत्री विजय कुमार चौधरी दिखते हैं और अहम फैसलों के वक्त नीतीश के साथ खड़े दिखते हैं। मौजूदा उप-नेता श्रवण कुमार नीतीश के बहुत भरोसेमंद, उनके ही इलाके और जाति से आते हैं। नीतीश के करीबी नेताओं में ही किसी के जदयू विधायक दल का नेता बनने की संभावना है। जेडीयू का नया नेता सिर्फ विधानसभा में पार्टी का चेहरा नहीं होगा, बल्कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की नई सरकार में डिप्टी सीएम भी बन सकता है। इस वजह से जदयू विधायक दल के नेता के चुनाव पर भी सबकी नजर होगी।
इसी तरह नीतीश के बाद विधान परिषद में जदयू को एक नेता चुनना होगा। एमएलसी में जेडीयू के उप-नेता ललन सर्राफ के अलावा नीतीश के बहुत करीबी संजय गांधी और पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार हैं। संजय गांधी अभी मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) और नीरज कुमार सचेतक हैं। भाजपा के संजय मयूख उप मुख्य सचेतक और रीना देवी सचेतक हैं। नीतीश के बाद काउंसिल में जदयू का नया नेता कौन बनता है, ये भी नीतीश कुमार तो तय करना होगा। चीफ और डिप्टी चीफ व्हिप पदों पर अदला-बदली करके भाजपा का चीफ और जदयू का डिप्टी चीफ व्हिप बन सकता है।
