देहरादून।
रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति प्रो. डॉ. देश दीपक का आज एलजीएसबी सुभारती कॉलेज ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में हुआ औपचारिक निरीक्षण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। पूरे पत्रकारिता विभाग में उत्साह, ऊर्जा और अकादमिक गंभीरता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
संस्थान के निदेशक शील शुक्ला ने अपनी प्रतिबद्ध एवं सशक्त टीम—बृजेश शुक्ला, नीरज, शोभा राणा एवं प्रो. आरती पांडे—के साथ कुलपति का भव्य, आत्मीय एवं गरिमामयी स्वागत किया। स्वागत के दौरान न केवल औपचारिकता, बल्कि संस्थान की कार्यसंस्कृति और टीम भावना की झलक भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

निरीक्षण के दौरान कुलपति प्रो. डॉ. देश दीपक ने विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों, अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया स्टूडियो, डिजिटल न्यूज़रूम, प्रिंट मीडिया लैब्स और लाइव प्रोडक्शन सेटअप का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने विभाग द्वारा तैयार की जा रही न्यूज़ बुलेटिन, डॉक्यूमेंट्री, ग्राउंड रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट्स और डिजिटल कंटेंट को विशेष रुचि के साथ देखा।
अपने प्रभावशाली संबोधन में कुलपति ने कहा—
“आज मैंने केवल एक संस्थान नहीं देखा, बल्कि भविष्य की पत्रकारिता का एक जीवंत मॉडल देखा है। यहां विद्यार्थियों को जो प्रायोगिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और वास्तविक मीडिया वातावरण दिया जा रहा है, वह देश के बहुत कम संस्थानों में देखने को मिलता है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षों में यह पत्रकारिता संस्थान राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।”

उन्होंने विशेष रूप से निदेशक शील शुक्ला की सराहना करते हुए कहा—
“शील शुक्ला केवल एक प्रशासक नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी पत्रकारिता गुरु हैं। उनकी कर्मठता, नेतृत्व क्षमता और मीडिया के प्रति उनकी गहरी समझ ने इस संस्थान को एक नई ऊँचाई प्रदान की है। जिस समर्पण और प्रोफेशनल एप्रोच के साथ वे कार्य कर रहे हैं, वह किसी भी संस्थान को उत्कृष्टता की ओर ले जाने में सक्षम है।”
इस अवसर पर संस्थान की कुछ विशेष और एक्सक्लूसिव पहलें भी चर्चा का केंद्र रहीं—

• लाइव न्यूज़रूम मॉडल: जहां छात्र वास्तविक समय में न्यूज़ प्रोडक्शन का अनुभव प्राप्त करते हैं।
• डिजिटल फर्स्ट जर्नलिज्म ट्रेनिंग: सोशल मीडिया, यूट्यूब न्यूज और मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) पर विशेष फोकस।
• ग्राउंड रिपोर्टिंग प्रोग्राम: छात्रों को फील्ड में भेजकर वास्तविक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करवाई जाती है।
• इंडस्ट्री इंटीग्रेशन: वरिष्ठ पत्रकारों और मीडिया विशेषज्ञों के नियमित गेस्ट लेक्चर और वर्कशॉप्स।
• न्यूज़ ब्रेकडाउन एवं शॉर्ट वीडियो लैब: समसामयिक विषयों पर विश्लेषणात्मक और डिजिटल कंटेंट निर्माण की विशेष ट्रेनिंग।

कुलपति ने विभागीय टीम के साथ विस्तृत संवाद करते हुए भविष्य की योजनाओं, शोध उन्मुख पत्रकारिता, और गुणवत्तापरक शिक्षा के विस्तार पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विश्वविद्यालय स्तर पर पत्रकारिता को एक “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
कार्यक्रम का समापन एक सकारात्मक संदेश के साथ हुआ, जिसमें स्पष्ट रूप से यह झलक रहा था कि एलजीएसबी सुभारती कॉलेज ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन आने वाले समय में पत्रकारिता शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मानदंड स्थापित करने की ओर अग्रसर है।
