उत्तराखंड का यमकेश्वर दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मिलन और विकास कार्यों का साक्षी बना। इस दौरान योगी के पैतृक गांव में ओपन जिम भी खुला। सीएम योगी और उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर धामी साथ में एक्सरसाइज करते दिखे। योगी आदित्यनाथ और धामी ने संयुक्त रूप से यमकेश्वर क्षेत्र का भ्रमण कर महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

गुरुवार शाम कार्यक्रम का शुभारंभ दोनों मुख्यमंत्रियों ने यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। उन्होंने महादेव से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीविष्णु महायज्ञ में प्रतिभाग कर परिवार और ग्रामीणों के साथ आध्यात्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।

मुख्यमंत्री योगी ने मंदिर समिति का आभार जताते हुए कहा कि तीन वर्ष पूर्व जहां केवल श्रद्धा का भाव था, आज वहां भव्य मंदिर खड़ा हो गया है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में प्रगति के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण का होना अनिवार्य है। अच्छा सोचने से परिणाम सुखद होते हैं, और इस सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए ईश्वर की भक्ति और आध्यात्मिकता ही सबसे सशक्त माध्यम है।

युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करने के लिए महाविद्यालय परिसर में ओपन जिम का शुभारंभ किया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्वयं जिम उपकरणों पर व्यायाम कर स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता का संदेश दिया। प्रस्तावित स्टेडियम के लिए चिन्हित भूमि के निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही यह जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व की सराहना करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की बरसी का उल्लेख किया। उन्होंने क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए बिथ्याणी महाविद्यालय को आदर्श कॉलेज के रूप में विकसित करने और क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और खेल सुविधाएं देने के लिए संकल्पबद्ध है।

महाविद्यालय की नई एआई आधारित वेबसाइट का डिजिटल उद्घाटन किया गया, जिसकी कार्यप्रणाली के बारे में त्रिलोक चंद्र शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल तकनीक का अनूठा उदाहरण तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं एआई बॉट से संवाद कर महाविद्यालय की परीक्षा प्रणाली और परिणामों की समीक्षा की, जबकि मुख्यमंत्री धामी ने छात्र संख्या और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा की

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