
देहरादून। रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून में “राष्ट्रबोध” कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत “वंदे मातरम्” गीत की 150वीं वर्षगांठ बड़े ही उत्साह, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ ललितादित्य प्रेक्षागृह में मनाई गई। कार्यक्रम ने उपस्थित जनसमूह को देशप्रेम और राष्ट्रीय चेतना से ओत-प्रोत कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) देशदीपक महोदय, लोकप्रिया हॉस्पिटल एवं बीहाइव आयुर्वेदिक हॉस्पिटल की निदेशिका प्रोफेसर (डॉ.) जीवन आशा जी एवं मुख्य वक्ता श्री प्रमेश जोशी जी द्वारा भारत माता एवं बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित करते हुए किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री प्रमेश जोशी जी को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात पैरामेडिकल संकाय के छात्रों एवं समस्त विश्वविद्यालय परिवार द्वारा सामूहिक “वंदे मातरम्” गान ने पूरे प्रेक्षागृह को देशभक्ति के अद्वितीय वातावरण में सराबोर कर दिया।
कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के छात्र आदित्य भीष्म सिंह ने “वंदे मातरम्” की प्रासंगिकता पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए, जबकि एबीवीपी के देहरादून महानगर सह मंत्री अमन शाह ने गीत की पंक्तियों का सार साझा करते हुए युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया।

मुख्य वक्ता श्री प्रमेश जोशी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का अमर प्रतीक है।” उन्होंने इसके 150 वर्षों की गौरवगाथा को रेखांकित करते हुए सुभारती समूह के अध्यक्ष डॉ. अतुल कृष्ण जी द्वारा संचालित “राष्ट्रबोध” पहल को वर्तमान समय में चरित्रवान राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा प्रोफेसर (डॉ.) अतुल कृष्ण जी को “राष्ट्रबोध” कार्यक्रम की सफलता हेतु बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का चित्र भेंट किया गया, जिसे उनकी अनुपस्थिति में विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा ग्रहण किया गया।
कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) देशदीपक महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि “वंदे मातरम् हमें राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण की भावना से जोड़ता है।” उन्होंने डॉ. अतुल कृष्ण जी के विज़न को सराहते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में संस्कृति विभाग के सदस्य श्री रमन कृष्ण किमोठी जी द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया तथा आज़ाद हिंद गीत के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर मिदत असलम द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सचिव, संस्कृति विभाग श्री विनय सेमवाल, संकायाध्यक्ष डॉ. रीता तिवारी, विभागाध्यक्ष डीन एकेडमिक्स प्रो. मनमोहन गुप्ता, ज्वाइंट डायरेक्टर रिसर्च डॉ. संदीप ध्यानी, डीन आर्ट्स एंड सोशल साइंस डॉ. इमरान खान, रिसर्च कोऑर्डिनेटर श्री गीताराम चतुर्वेदी, एनएसएस इंचार्ज प्रदीप महारा सहित अनेक प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
