भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका एवं भारत के संबंधों को अत्यधिक महत्व देते हैं। गोर ने इस साल जनवरी में भारत में अमेरिका के राजदूत का पदभार संभाला था। इससे पहले वह वाइट हाउस के राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय में निदेशक के रूप में कार्यरत थे।
गोर ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘वाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात के बाद मंगलवार शाम सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘कुछ दिनों के लिए अमेरिका लौटा हूं। पहला पड़ाव-राष्ट्रपति से ‘वाइट हाउस’ में मुलाकात। राष्ट्रपति अमेरिका और भारत के संबंधों को अत्यधिक महत्व देते हैं।’
गोर ने ‘ओवल ऑफिस’ (राष्ट्रपति का कार्यालय) में ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ अपनी एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की। गोर दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए अमेरिका के विशेष दूत भी हैं।
24 मार्च को ही पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की फोन पर बात हुई थी। भारतीय पीएम ने लिखा था, ‘राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और उनके साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ। भारत इस क्षेत्र में तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाली का समर्थन करता है। पूरे विश्व के लिए यह आवश्यक है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला, सुरक्षित और सुलभ बना रहे। हम शांति और स्थिरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के संबंध में निरंतर संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।’
फरवरी में भी पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बात हुई थी। तब उन्होंने लिखा था, ‘आज मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि अब भारत में बने उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। इस शानदार घोषणा के लिए भारत की 1.4 अरब जनता की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को बहुत-बहुत धन्यवाद।’
उन्होंने आगे लिखा था, ‘जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को लाभ होता है और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के अपार अवसर खुलते हैं। वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत शांति के लिए उनके प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है। मैं उनके साथ मिलकर कार्य करने और हमारी साझेदारी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रति आशान्वित हूं।’
ट्रंप ने कहा है कि ईरान को सैन्य अभियान रुकवाने के लिए अमेरिका के साथ किसी समझौते पर पहुंचने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘उन्हें मेरे साथ कोई समझौता करने की जरूरत नहीं है। जब हमें लगेगा कि वे एक लंबी अवधि के लिए पाषाण युग में पहुंच गए हैं और वे परमाणु हथियार बनाने में सक्षम नहीं हैं तब हम वहां से हट जाएंगे, चाहे हमारा कोई समझौता हुआ हो या नहीं।’
