शील शुक्ला ने माउंट आबू नेशनल मीडिया कॉन्फ्रेंस में 300 से अधिक पत्रकारों को किया संबोधित
विजडम इंडिया।
माउंट आबू में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली नेशनल मीडिया कॉन्फ्रेंस के प्लेनरी सेशन–I में इस वर्ष देशभर से आए 300 से अधिक प्रतिष्ठित पत्रकारों के बीच शील शुक्ला ने एक अत्यंत प्रभावशाली और विचारोत्तेजक संबोधन दिया। “मीडिया के उभरते रुझानों द्वारा समाज का हित” विषय पर केंद्रित अपने उद्बोधन में उन्होंने मीडिया के बदलते स्वरूप और उसकी सामाजिक जिम्मेदारियों पर गहन प्रकाश डाला।
शील शुक्ला, जो रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के अंतर्गत एलजीएसबी सुभारती कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के निदेशक एवं ‘विजडम इंडिया’ दैनिक समाचार पत्र व न्यूज़ चैनल के संपादक हैं, ने अपने वक्तव्य की शुरुआत पारंपरिक मीडिया और नई मीडिया के अंतर को स्पष्ट करते हुए की। उन्होंने कहा कि आज का नया मीडिया पूरी तरह से सुलभ, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक है। मोबाइल फोन के माध्यम से हर व्यक्ति स्वयं एक “मीडिया हाउस” बन चुका है, जिससे सूचना का प्रसार तेज़ और व्यापक हुआ है।
उन्होंने कहा कि नई मीडिया किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक नियंत्रण में सीमित नहीं है, जिससे इसकी स्वतंत्रता और प्रभाव दोनों बढ़े हैं। इसी माध्यम ने शिक्षा और जागरूकता को देश के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसके साथ ही उन्होंने नई मीडिया की सबसे बड़ी चुनौती—विश्वसनीयता—की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने उपस्थित पत्रकारों से अपील की कि किसी भी पोस्ट, वीडियो या सूचना को साझा करने से पहले उसके सामाजिक और राष्ट्रीय प्रभाव पर अवश्य विचार करें। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी का निर्वहन आवश्यक है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में शील शुक्ला का स्वागत किया गया, वहीं उनके सारगर्भित वक्तव्य के लिए अंत में आभार व्यक्त किया गया। उनका संबोधन मीडिया जगत के लिए दिशा देने वाला और प्रेरणादायक रहा।
