देहरादून, 19 मार्च 2026।

रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय की प्रोफेसर एवं डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. नितिका कौशल तथा गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. केकेबीएम सुभारती हॉस्पिटल, झाझरा, देहरादून के डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर को हिमालयन हेल्थकेयर इनोवेशन समिट 2026 के दौरान उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

प्रो. नितिका कौशल को “वुमेन इन हेल्थकेयर” सम्मान से नवाजा गया, जबकि डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर को “चिकित्सा शिक्षा एवं संस्थागत नवाचार में उत्कृष्टता” के क्षेत्र में सम्मान प्रदान किया गया। दोनों ही शिक्षाविदों को स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा के उन्नयन तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ।

यह समिट वेलोक्स मीडिया द्वारा हयात सेंट्रिक, देहरादून में आयोजित किया गया, जिसमें उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी, उत्तराखंड की महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सुनीता टम्टा तथा एससीपीसीआर की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना सहित अनेक वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।

अपने संबोधन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निवारक एवं सामुदायिक आधारित स्वास्थ्य प्रणाली को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सशक्त हुई है। उन्होंने ‘ट्रीटमेंट’ से पहले ‘हीलिंग’ पर ध्यान देने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), टेलीमेडिसिन तथा मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को बढ़ावा देने और पीपीपी मॉडल में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

प्रो. नितिका कौशल ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान से विद्यार्थियों के समग्र विकास, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के प्रोत्साहन एवं शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वहीं डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर ने मेडिकल एजुकेशन, संस्थागत नवाचार तथा स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में अपनी सक्रिय भूमिका से विशिष्ट पहचान बनाई है।

समिट में हिमालयी एवं पूर्वोत्तर राज्यों से आए विशेषज्ञों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल हेल्थ और पीपीपी मॉडल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। 150 से अधिक प्रतिभागियों और 40 से अधिक विशेषज्ञों की सहभागिता के साथ यह आयोजन स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार, सहयोग और जागरूकता को बढ़ावा देने वाला एक प्रभावी मंच साबित हुआ।

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