एक तरफ यूपी में शिक्षा मित्रों-अनुदेशकों के बीच मानदेय बढ़ने से जश्न का माहौल है तो वहीं शामली जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में नोशनल पदोन्नति के बाद बाहरी जनपदों से अपनी इच्छा पर आए शिक्षकों के पदोन्नत वेतमान का गड़बड़झाला सामने आया है। इस दायरे में अब तक 14 शिक्षक आए हैं। छह साल उक्त शिक्षक पदोन्नत वेतनमान दिया जाता रहा, लेकिन अब विभाग ने इन सभी का वेतन काटने के साथ ही इनसे भी रिकवरी की तैयारी कर रहा है। लेखा विभाग ने इन सभी बढ़ा वेतन काट दिया। बेसिक शिक्षा विभाग में बाहरी जनपदों तैनात शिक्षक अपनी इच्छा पर दूसरे जनपद में ट्रांसफर चाहता है तो उसे पे प्रोक्टेशन के तहत प्रमोशन सरेंडर करना पड़ता है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 18 हजार रुपए कर दिया गया है, जबकि अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपए निर्धारित किया गया है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। सरकार के इस निर्णय से शामली में कार्यरत 760 शिक्षामित्रों और करीब 250 अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा।

उधर, शामली में बाहरी जनपदों से आने वाले शिक्षकों को वही पदोन्नत वेतनमान मिलेगा जो तैनाती वाले नए जनपद में उस बैच के अन्य शिक्षकों को मिल रहा है, लेकिन शामली जनपद में लेखा विभाग द्वारा 14 ऐसे शिक्षकों को चिन्हित किया गया, जिनकी उस समय तैनाती के दौरान उक्त शिक्षकों के वेतन में कटौती नहीं की गयी। वह पूर्व जनपद में तैनाती का ही पदोन्नत वेतनमान लेते रहे। तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं वित्त लेखाधिकारी की लारवाही के चलते यह अब पदोन्नत वेतन मान का लाभ लेते रहे। इनकी नियुक्ति छह साल , अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं लेखाधिकारी ने शासन के आदेश पर इनके पदोन्नत वेतन मान में कटौती कर दी है। रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी है। वित्त लेखाधिकारी प्रशांत गुप्ता ने बताया कि उक्त शिक्षकों का वेतन काट दिया है। अतिरिक्त वेतन का लाभ ये शिक्षक ले चुके है उनका रिकार्ड चैक कर रिकवरी तैयार की जा रही है। इनमें कैराना ब्लाक के पांच, चार कांधला ब्लाक और तीन शामली ब्लाक और दो शिक्षक ऊन ब्लाक के विद्यालयों में तैनात हैं।

लंबे समय से मानदेय बढ़ाए जाने की मांग कर रहे शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों खुशी की लहर है। शिक्षा मित्रों का कहना है कि बढ़ा हुआ मानदेय उनके आर्थिक हालात को मजबूत करेगा और वे अधिक उत्साह के साथ शैक्षिक कार्यों का निर्वहन कर सकेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल 2026 से बढ़े हुए मानदेय का भुगतान शुरू हो जाएगा। इस घोषणा के बाद शिक्षा मित्रों में खुशी की लहर है। कई शिक्षा मित्रों ने इसे सरकार का सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि इससे उनके परिवार को आर्थिक राहत मिलेगी।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *