योगी सरकार ने चकबंदी वाले गांवों का बड़ा काम करने जा रही है। चकबंदी आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर यशोद ने चकबंदी वाले गांवों में 23 से 28 फरवरी तक चौपाल लगा कर चकबंदी से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि चौपाल के माध्यम से कृषकों का फीडबैक लिया जाए और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो।
आयुक्त ने चकबंदी अधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी व उप संचालक चकबंदी को गांवों में अलग-अलग दो-दो चौपाल आयोजित करने का निर्देश दिया है। कहा कि ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर किसानों के सामने चकबंदी कार्यों को पूर्ण करने से किसानों के मध्य आपसी विवाद घटेंगे तथा चकबंदी प्रक्रिया भी तेजी से पूरी होगी। आपसी सीमा विवादों और चकों के बंटवारों से जुड़ी समस्याओं को किसानों की सहमति से निस्तारित करने का निर्देश दिया। कहा कि इस कार्य से भविष्य में खतौनी और गाटा संख्या से संबंधित मुकदमों में भी कमी आयेगी।
इसका अलावा योगी सरकार स्कूलों और पंचायतों में एक और बड़ा अभियान चलाने जा रही है। एनीमिया के खात्मे के लिए प्रदेश में जल्द नई मुहिम शुरू होगी। एनीमिया मुक्त क्लास व विद्यालयों के साथ ही एनीमिया मुक्त पंचायत की पहल आरंभ की जाएगी। यह अभियान जिला प्रशासन के सहयोग से चलाया जाएगा। टीमें स्कूलों में जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में एक समग्र डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली भी विकसित की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी जागरूकता कार्यक्रम चलेगा। एनीमिया के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान में शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ ही कई अन्य विभाग भी सहभागी रहेंगे। ऐसी कई नई पहल एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत की जाएंगी।
राज्य स्तरीय टास्क फोर्स ने इस कार्यक्रम को गति देने के लिए कई नई पहल करने का फैसला किया है। पूरा फोकस समुदाय की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर रहेगा। दरअसल एनीमिया का सीधा प्रभाव महिलाओं, शिशुओं, बच्चों व किशोरियों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। बच्चों व किशोरों के शैक्षणिक प्रदर्शन में वृद्धि व उनकी कार्यक्षमता में सुधार के लिए कैंपस में जागरूकता मुहिम चलाने का फैसला किया गया है।
