ट्रेनों में चोरी के कांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। ट्रेन में काम करने वाले कर्मी ही यात्रियों का सामान चुराकर बेच रहे हैं। चोर गिरोह के तार नेपाल से जुड़े हैं। मोबाइल चोर गिरोह भारत से चुराए गए मोबाइल को नेपाल में बेच रहे हैं। दानापुर रेल पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह से जुड़े तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। इसमें सीमांचल एक्स. के कोच अटेंडेंट के सुपरवाइजर समेत तीन शामिल हैं।

रेल पुलिस ने कार्रवाई के दौरान सुपरवाइजर के पास से चोरी के 18 स्मार्ट फोन बरामद किए गए हैं। फोन बुंदेलखंड में चुराए गए थे और इन्हें जोगबनी ले जाने के बाद नेपाल भेजा जाना था। रेल पुलिस के मुताबिक आरोपित सुपरवाइजर की पहचान सुपौल निवासी सुशील कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह बीते एक वर्ष से मोबाइल चोर गिरोह के संपर्क में था। रेल पुलिस ने कटिहार से मोबाइल खपाने में मदद करने वाले गिरोह के दो अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

बुंदेलखंड में बीते दिनों मोबाइल चोरी और ठगी की कई घटनाएं हुई थीं। एक स्थानीय महिला से ठगी के मामले में बुंदेलखंड स्थित कोतवाली थाना पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे चोरी के मोबाइल और ठगी का सामान नेपाल में खपाते थे।

दरअसल ट्रेनों में इन दिनों चोरी की वारदातों में जबरदस्त उछाल आया है। बड़ी संख्या में मामले पुलिस तक नहीं पहुंचते। शिकायत से पहले यह समझाया जाता है कि केस दर्ज कराने पर उन्हें यहां दौड़ना पड़ेगा। यात्रा के दौरान सामानों की चोरी हो जाने पर भी लोग शिकायत करने से पीछे हट जाते हैं। इसका फायदा उठाकर बदमाश गाड़ियों और स्टेशन पर यात्रियों का साम चुरा लेते हैं। इस घटना के सामने आने के बाद नए नेटवर्क का खुलासा हुआ है जिसमें ट्रेनों के अंदर सेवा देने वाले कर्मी भी शामिल हैं।

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की दिशा में छानबीन की जा रही है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वे बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल, दिल्ली के साथ-साथ कई राज्यों में ऑपरेट करते हैं और वीआईपी यात्रियों का सामान चुराकर गैंग के पास भेज देते हैं जिन्हें नेपाल ले जाकर खपाया जाता है। पुलिस नेपाल में छिपे बदमाशों का पता लगा रही है। मोबाइल के जरिए खरीददारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

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