उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बुधवार को स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (UP SIR) के तहत फॉर्म-7 के माध्यम से अब तक बहुत सीमित संख्या में ही नाम आपत्तियों के आधार पर हटाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक केवल 4,336 मतदाताओं के नाम ही ऐसे हैं, जिन्हें किसी अन्य व्यक्ति की आपत्ति के बाद जांच में सही पाए जाने पर सूची से हटाया गया है।
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवदीप रिनवा ने कहा कि अब तक कुल 23,935 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इनमें से अधिकांश नाम स्वयं मतदाताओं या उनके परिवारजनों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर काटे गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपत्ति के आधार पर किसी भी नाम को बिना जांच के नहीं हटाया गया है।
रिनवा के अनुसार, राज्य में अब तक करीब 1.35 लाख फॉर्म-7 जमा किए गए हैं। इनमें से 14,388 मामलों में लोगों ने स्वयं अपने परिवार के सदस्यों के नाम हटवाए, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी या जिनका नाम दो जगह दर्ज था। वहीं 5,211 मतदाताओं के नाम इस आधार पर हटाए गए कि वे स्थायी रूप से दूसरी जगह रहने चले गए हैं।
उन्होंने बताया कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आपत्ति दर्ज कराने के मामलों में कुल 4,336 नाम ही जांच के बाद हटाए गए हैं। इसके साथ ही नवदीप रिनवा ने कहा कि जिन 2.22 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं, उनके मामलों की सुनवाई बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे। यदि मतदाता घर पर उपलब्ध नहीं होगा, तो परिवार के सदस्य भी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे।
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि फॉर्म-7 के जरिए दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों के नाम साजिश के तहत हटाए जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने लखनऊ में कहा था कि उनकी पार्टी ने चुनाव आयोग से मुलाकात के लिए समय मांगा है और जल्द ही प्रतिनिधिमंडल अपनी बात रखेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पढ़-लिख न पाने वाले लोगों को नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है।
अखिलेश यादव के इन आरोपों पर भाजपा की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा एसआईआर को लेकर लगातार भ्रम फैला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता बूथ-बूथ जाकर मेहनत कर रहे हैं, जबकि सपा के पास सक्रिय कार्यकर्ताओं की कमी है। मौर्य ने तंज कसते हुए कहा कि सपा का काम भाजपा क्यों करेगी।
