निर्माणाधीन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर अप्रैल से वाहन दौड़ने लगेंगे। निर्माणकार्य लगभग अपने अंतिम चरण में है, स्कूटर इंडिया के पास एलिवेटेड रोड का कुछ ही हिस्सा ही बाकी है। इस हिस्से में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। एक्सप्रेस वे चालू हो जाने से लखनऊ से कानपुर तक सफर तय करने में लगने वाला तीन घंटे का समय सिमट तक 45 से -60 मिनट रह जाएगा, क्योंकि एक्सप्रेस वे पर वाहन 125 किमी की रफ्तार से दौड़ सकेंगे।नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया(एनएचएआई) के रीजनल अफसर गौतम विशाल और पीडी नकुल प्रकाश वर्मा ने मीडिया संग लखनऊ से लेकर कानपुर तक एक्सप्रेस वे का जायजा लिया।

कानपुर में बन रहे आउटर रिंग रोड को भी दिखाया। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक अप्रैल के पहले हफ्ते से शुरू होगा। इसका असर जल्द ही इकॉनमी और समाज पर दिखेगा। कानपुर आउटर रिंग रोड से कानपुर में भीड़ कम करने में मदद मिलेगी और ट्रैफिक तीन गुना तेज़ हो जाएगा। एक्सप्रेसवे को पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के लिए एक स्ट्रेटेजिक ग्रोथ आर्टरी के तौर पर बनाया जा रहा है, जिससे लखनऊ-उन्नाव-कानपुर बेल्ट में तेज़ लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित यात्रा और नए इन्वेस्टमेंट के मौके मिलेंगे।

पीडी ने बताया कि लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर 63 पैन टिल्ट ज़ूम कैमरे हैं, जो ज़मीन पर किसी हरकत की तस्वीर दिखा सकते हैं। एक्सप्रेस वे को पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के तौर पर डिज़ाइन किया गया। यह एनई-6 शुरू में छह लेन के साथ चलेगा, जिसे ट्रैफिक की मांग बढ़ने पर आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। गाड़ियों को 125 किमी प्रति घंटा तक की स्पीड की इजाज़त होगी। यह लखनऊ में शहीद पथ को और कानपुर के पास आज़ाद मार्ग से जोड़ता है। इसमें लगभग 18 किमी एलिवेटेड रोड वे और 45 किमी ग्रीनफील्ड एरिया है।
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