लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज अपना 10वां और इस कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करने जा रही है। बजट से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया है कि यह बजट केवल अंकों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 25 करोड़ प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं का ‘दशकीय प्रमाण’ है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि इस बजट के केंद्र में गरीब, युवा, मातृशक्ति और किसान होंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘नया उत्तर प्रदेश’ सुशासन और समावेशी विकास की राह पर है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि आज प्रस्तुत होने वाला वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट ‘आत्मनिर्भर-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को नई दिशा और ठोस कार्य योजना प्रदान करेगा। यह बजट $1 ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में राज्य की प्रगति सुनिश्चित करेगा। सीएम ने जोर दिया कि यह बजट ‘विकसित भारत-2047’ के निर्माण का एक मजबूत आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने दूसरे ट्वीट में बजट की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा कि यह बजट गरीब के सम्मान, युवा के स्वाभिमान, मातृशक्ति की सुरक्षा और किसान की समृद्धि को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर वर्ग आत्मनिर्भर बने और विकास की मुख्यधारा से जुड़े।

सीएम योगी ने जनता के अटूट विश्वास का आभार जताते हुए कहा कि यह उनकी सरकार का लगातार 10वां बजट है। उन्होंने इसे विकास और समृद्धि के एक अभूतपूर्व दशक का साक्षी बताया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बजट में आगामी चुनावों को देखते हुए युवाओं के लिए रोजगार, मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी योजना और किसानों के लिए सिंचाई व बिजली से जुड़ी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं।

योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर कदम बढ़ाए हैं। आज का बजट उसी विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करेगा।

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