“जय हिन्द” अभिवादन परंपरा ही सुभारती की आत्मा है — कुलपति डॉ हिमांशु ऐरन

रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून में 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस को पराक्रम दिवस के रूप में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और वैचारिक गरिमा के साथ मनाया गया। पूरा परिसर देशभक्ति की चेतना से ओत-प्रोत दिखाई दिया, जहाँ यह आयोजन केवल स्मरण तक सीमित न रहकर विश्वविद्यालय की राष्ट्रवादी संस्कृति का सजीव उदाहरण बना।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ हिमांशु ऐरन ने नेताजी के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने आईसीएस जैसी प्रतिष्ठित सेवा छोड़कर यह स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रसेवा किसी भी व्यक्तिगत उपलब्धि से ऊपर है। आज़ाद हिंद फौज का गठन, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्वतंत्रता की आवाज़ बुलंद करना और युवाओं को त्याग व संघर्ष के लिए प्रेरित करना—नेताजी के ये पक्ष आज भी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।


डॉ ऐरन ने कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय में हर छात्र, शिक्षक और कर्मचारी का “जय हिन्द” कहकर अभिवादन करना इसी राष्ट्रवादी सोच का दैनिक अभ्यास है।
महानिदेशक जी. के. थपलियाल (मेजर जनरल) ने अपने औपचारिक संबोधन में नेताजी के अनुशासन, संगठन क्षमता और रणनीतिक दृष्टि को आज के शैक्षणिक वातावरण के लिए आदर्श बताया। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के जीवन महत्वपूर्ण कारनामों से उपस्थित जन को परिचित कराया।


कार्यक्रम में डीन एकेडेमिक्स डॉ मनमोहन गुप्ता, नर्सिंग विभाग की प्रिंसिपल डॉ दीप्ति सरोटे, संस्कृति विभाग के सचिव विनय सेमवाल, सुश्री नीतिका कौशल, पंकज जोशी सहित समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों की गरिमामयी एवं आत्मीय उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊर्जा प्रदान की। उनकी उपस्थिति ने शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह और सहभागिता की भावना को और सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम के दौरान अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने भी अपने विचार साझा किए और नेताजी के आदर्शों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताया। इस अवसर पर केवल सुभाष चंद्र बोस ही नहीं, बल्कि परमहंस योगानंद, स्वामी विवेकानंद और रास बिहारी बोस जैसे महान राष्ट्रचिंतकों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।


विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीयता विषय पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 11 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में
• नैचुरोपैथी विभाग के छात्रों ने प्रथम स्थान प्राप्त कर रनिंग शील्ड अपने नाम की,
• स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट ने द्वितीय स्थान,
• तथा स्कूल ऑफ नर्सिंग ने तृतीय स्थान हासिल किया।


सभी विजेता टीमों को मेडल देकर सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ राजेश तिवारी ने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार के प्रक्रम दिवस विद्यार्थियों में राष्ट्रबोध, सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सामूहिक चेतना को मजबूत करते हैं।
यह भी उल्लेखनीय रहा कि सुभारती विश्वविद्यालय का प्रत्येक विभाग किसी न किसी महान देशभक्त के नाम से जुड़ा है, जो विद्यार्थियों को प्रतिदिन राष्ट्रसेवा के आदर्शों से जोड़ता है। यही कारण है कि सुभारती का शैक्षणिक वातावरण विशुद्ध रूप से देशभक्ति से अनुप्राणित दिखाई देता है।


कार्यक्रम का अनुशासित और प्रभावी संचालन वंशिका एवं लूफ़िना ने किया।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक “जय हिन्द” गान के साथ हुआ, जिसने पूरे परिसर को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।
कुल मिलाकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती को प्रक्रम दिवस के रूप में मनाने का यह आयोजन सुभारती विश्वविद्यालय के उस अटूट देशभक्ति संस्कार का सशक्त प्रमाण बना, जहाँ शिक्षा, चरित्र और राष्ट्र एक साथ गढ़े जाते हैं।

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