110 से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण, 40 यूनिट रक्त संग्रहित; “मानव सेवा से राष्ट्र निर्माण” के संकल्प के साथ जागरूकता का संदेश

विजडम इंडिया।

देहरादून।

रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून में राष्ट्र बोध कार्यक्रम के अंतर्गत ‘रक्तदान शहीदों के नाम’ अभियान के तहत एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर संस्कृति विभाग एवं कला संकाय के संयुक्त तत्वावधान में लाल बहादुर शास्त्री लोकप्रिय अस्पताल के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ एमटीवी बुद्धिस्ट रिलीजियस एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल डॉ. जी.के. थपलियाल, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. देशदीपक एवं लोकप्रिय अस्पताल की निदेशिका प्रो. डॉ. जीवन आशा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर अतिथियों ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए रक्तदान के महत्व, सामाजिक उपयोगिता एवं इसके स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मेजर जनरल डॉ. जी.के. थपलियाल ने अपने प्रेरक उद्बोधन में युवाओं को निस्वार्थ भाव से मानव सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान न केवल जीवन बचाने का माध्यम है, बल्कि यह समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।

कुलपति प्रो. डॉ. देशदीपक ने अपने संबोधन में सुभारती समूह के संस्थापक, एमटीवी बुद्धिस्ट रिलीजियस एंड चैरिटेबल ट्रस्ट एवं विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. अतुल कृष्ण के विचार—“मानव सेवा से चरित्र निर्माण एवं चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण”—का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में सेवा भावना और राष्ट्रभक्ति को सशक्त करते हैं। उन्होंने रक्तदान शिविर को एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल बताते हुए अधिकाधिक सहभागिता की अपेक्षा व्यक्त की।

लोकप्रिय अस्पताल की निदेशिका प्रो. डॉ. जीवन आशा ने अपने वक्तव्य में रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए इसके वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि नियमित अंतराल पर किया गया रक्तदान न केवल सुरक्षित है, बल्कि यह शरीर के लिए भी लाभकारी होता है।

शिविर में विद्यार्थियों का उत्साह उल्लेखनीय रहा। कुल 110 से अधिक छात्र-छात्राओं ने रक्तदान हेतु पंजीकरण कराया, जिनमें से 40 से अधिक यूनिट रक्त सफलतापूर्वक संग्रहित किया गया। कार्यक्रम के अंत में संस्कृति विभाग के सदस्य रमन कृष्ण किमोठी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. अतुल कृष्ण के उद्देश्य के अनुरूप ऐसे शिविरों में एकत्रित रक्त का उपयोग सेना के जवानों एवं शहीद परिवारों के आश्रितों को न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराने में किया जाएगा।

ब्लड बैंक, डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल के प्रतिनिधि के रूप में असिस्टेंट रजिस्ट्रार श्री विकेंद्र सिंह कठैत ने आयोजन की सफलता के लिए विश्वविद्यालय के कोटरा कैंपस की टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र बोध कार्यक्रम की परंपरा के अनुरूप ‘आज़ाद हिंद गान’ के सामूहिक गायन के साथ किया गया।

इस अवसर पर विशेष कार्य अधिकारी बलवंत बोरा, संस्कृति विभाग के सचिव विनय सेमवाल, डीन एकेडमिक्स प्रो. मनमोहन गुप्ता, डीन आर्ट्स एंड सोशल साइंसेज डॉ. इमरान खान, डीन पैरामेडिकल डॉ. अनिर्बान पात्रा, डीन नेचुरोपैथी डॉ. नरेंद्र, कार्यक्रम संचालिका मिदत असलम, डॉ. ऋचा पुंडीर, डॉ. प्रतिभा जुयाल, डॉ. सारिका मित्तल, डॉ. पुष्पा ध्यानी, एनएसएस समन्वयक प्रदीप महारा सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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